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Lucknow News: सामाजिक व पारिवारिक मान्यताएं के बंधन से नहीं रुकतीं अब महिलाएं

Sun, 27 Apr 2025 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 01:33 AM IST
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Women are no longer restricted by the shackles of social and family beliefs
नाटक पेईंग गेस्ट का मंचन करते कलाकार।
लखनऊ। हाल में चारों तरफ अंधेरा, मंच पर रोशनी और एक किरदार, जिन्होंने एकल नाटक के जरिये दर्शकों को घंटों बांधे रखा। मौका था दस्ताने कहानियों के मंचन का। गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी के सभागार में मंचन के जरिये यह संदेश दिया गया कि अब महिलाएं सामाजिक व पारिवारिक मान्यताएं के बंधन से नहीं रुकती हैं।
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मंचकृति समिति की ओर से चल रहे 17 दिन 50 कहानियों की सीरीज में शनिवार को पहले चरण में डॉ. मंजू शुक्ला की लिखित दस्ताने को मिन्नी दीक्षित ने बड़ी सादगी के साथ अभिनय किया। यह संदेश भी दिया गया कि आज शिक्षा स्वास्थ्य और कला सभी क्षेत्रों में महिलाएं सफलता का परचम लहरा रही हैं।
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दूसरे चरण में डॉ. अमिता दुबे की लिखित कहानी पेइंग गेस्ट की प्रस्तुति हुई। इनमें डॉ. मालविका त्रिवेदी, भानु प्रकाश, अर्चना शुक्ला व काव्या मिश्रा ने अभिनय किया। इस कहानी में भी महिलाओं को केंद्र बिंदू में रखा गया है। मंचन के तीसरे चरण में ज्योत्सना सिंह की लिखित कहानी इश्क पर जोर नहीं का मंचन हुआ। इनमें बॉबी अशोक सिंहा, अनुपमा शरद अचला बोस ने अभिनय किया।
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