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Lucknow News: दहेज में कार और दस लाख रुपये न देने पर महिला को दिया तीन तलाक
Thu, 06 Aug 2026 02:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 06 Aug 2026 02:33 AM IST
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लखनऊ। सआदतगंज के वजीरबाग निवासी सामिन ने बाराबंकी के कोठी मीरापुर निवासी दामाद सुहैल खान पर बेटी फरहीन को तीन तालक देने का आरोप लगाया है। सुहैल के घरवालों पर बेटी को दहेज में कार और दस लाख रुपये नहीं देने पर पीटने क आरोप है। सामिन की तहरीर पर सआदतगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सामिन के मुताबिक 25 जुलाई 2022 में उन्होंने बेटी का निकाह सुहैल से किया था। इसके कुछ समय बाद सुहैल सऊदी अरब चला गया। आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को सास फरीदा, ननद कुबरा, शबा, बुसरा और देवर शीबू ने बेटी से और दहेज की मांग शुरू कर दी। असमर्थता जताने पर आरोपियों ने बेटी को बहुत पीटा और घर से भगा दिया। बदहवास हालते में बेटी घर पहुंची। सामान्य होने पर बेटी ने उन्हें यह बात बताई।
सामिन का आरोप है कि जब उन्होंने दामाद से व्हाट्सएप पर कॉल की तो उसने बेटी को साथ में रखने से मना कर दिया और तीन तलाक भी दे दिया। इस बात पर उन्होंने आरोपी दामाद व उसके पांच घरवालों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष आर्या ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस जल्द ही नोटिस जारी करेगी।
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2017 में तीन तलाक गैरकानूनी घोषित
22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन बार 'तलाक' बोलकर रिश्ता तोड़ने की कुप्रथा को गैरकानूनी घोषित किया था। फिर इसके दो साल बाद 31 जुलाई 2019 को मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019 पास किया गया था। इसके तहत इस प्रथा को दंडनीय अपराध बना दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मनमाना और इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया था।
ये है नया कानून
तीन तलाक चाहे बोलकर, मेसेज, ईमेल से दिया जाए, वह अवैध है। इसका उल्लंघन करने वाले को तीन साल की कैद का प्रावधान है। आरोपी पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। मजिस्ट्रेट सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत दे सकता है।
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सामिन के मुताबिक 25 जुलाई 2022 में उन्होंने बेटी का निकाह सुहैल से किया था। इसके कुछ समय बाद सुहैल सऊदी अरब चला गया। आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को सास फरीदा, ननद कुबरा, शबा, बुसरा और देवर शीबू ने बेटी से और दहेज की मांग शुरू कर दी। असमर्थता जताने पर आरोपियों ने बेटी को बहुत पीटा और घर से भगा दिया। बदहवास हालते में बेटी घर पहुंची। सामान्य होने पर बेटी ने उन्हें यह बात बताई।
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सामिन का आरोप है कि जब उन्होंने दामाद से व्हाट्सएप पर कॉल की तो उसने बेटी को साथ में रखने से मना कर दिया और तीन तलाक भी दे दिया। इस बात पर उन्होंने आरोपी दामाद व उसके पांच घरवालों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष आर्या ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है। आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस जल्द ही नोटिस जारी करेगी।
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2017 में तीन तलाक गैरकानूनी घोषित
22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन बार 'तलाक' बोलकर रिश्ता तोड़ने की कुप्रथा को गैरकानूनी घोषित किया था। फिर इसके दो साल बाद 31 जुलाई 2019 को मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019 पास किया गया था। इसके तहत इस प्रथा को दंडनीय अपराध बना दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मनमाना और इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया था।
ये है नया कानून
तीन तलाक चाहे बोलकर, मेसेज, ईमेल से दिया जाए, वह अवैध है। इसका उल्लंघन करने वाले को तीन साल की कैद का प्रावधान है। आरोपी पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। मजिस्ट्रेट सुनवाई के बाद आरोपी को जमानत दे सकता है।