लखनऊ। शारदानगर के रश्मिखंड एक की रविवार रात 12 बजे हाइटेंशन लाइन का जंपर ( फ्यूज ) उड़ने के कारण अंधेरा हो गया। इस कॉलोनी में हाईकोर्ट के जज का आवास भी है। बिजली गुल होने पर जज साहब के पिता महेंद्र पाल सिंह ने जेई और उपकेंद्र ऑपरेटर के मोबाइल पर कई कॉल की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
महेंद्र पाल सिंह आधी रात को ही सुरक्षा कर्मियों के साथ उपकेंद्र की ओर चल पड़े। रास्ते में उन्हें कर्मचारी उस जगह मिले, जहां जंपर बांधा जाना था, मगर ऊंची सीढ़ी न होने के कारण खड़े थे। महेंद्र पाल सिंह उपकेंद्र पहुंचे तो ऑपरेटर अभिषेक ने बताया कि मोबाइल पर लगातार कॉल आने के कारण आपको जवाब नहीं दे सका। उपकेंद्र के मोबाइल में ऑपरेटर को कॉलबैक करने की सुविधा नहीं दी गई है। रात को एक चालक का इंतजाम करके सचल वाहन घटना स्थल पर ले गए। फिर सीढ़ी उस पर रखकर जंपर बांधने के लिए कर्मचारी को जान जोखिम में डालना पड़ा, तब रात 3:15 बजे बिजली चालू हुई।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।

वाहन पर सीढ़ी रखकर मरम्मत करते कर्मी और उपकेंद्र पहुंचे महेंद्र पाल सिंह।