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अगले महीने हो सकता है विधानमंडल का शीत सत्र, अनुपूरक बजट लाने की भी संभावना
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 14 Nov 2017 04:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र दिसंबर में आहूत हो सकता है। इसमें वित्त वर्ष 2017-18 का पहला अनुपूरक बजट भी लाए जाने की संभावना है। हालांकि, इसका आधिकारिक एलान निकाय चुनाव के बाद मंत्रिमंडल से सहमति लेने केबाद ही होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार निकाय चुनाव खत्म होने पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह के बाद कभी भी विधानमंडल का सत्र बुला सकती है।
सरकार ने विधानमंडल के बजट सत्र के बाद कई नीतिगत एलान किए हैं। स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक और ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन सहित कई विधेयक लाने से जुड़ी कार्यवाही विभागों के स्तर पर चल रही है। विधानमंडल का पहला सत्र मई में शुरू होकर जुलाई में खत्म हुआ था।
जानकार बताते हैं कि सरकार कुछ जरूरी कार्यों के लिए चालू वित्त वर्ष का अनुपूरक बजट भी ला सकती है। कई विभागों में विधानमंडल के अगले सत्र में विभिन्न कार्यों के लिए बजट प्रावधान कराने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। शासन के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि एक दिसंबर को निकाय चुनाव के नतीजे आ जाएंगे।
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सरकार को जनवरी के अंतिम सप्ताह से पहले दूसरा सत्र बुलाना अपरिहार्य है। पिछले सत्र की समाप्ति से जनवरी तक छह महीने पूरे हो जाएंगे। इसलिए दिसंबर के आखिरी सप्ताह से शीत सत्र आहूत किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
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सरकार ने विधानमंडल के बजट सत्र के बाद कई नीतिगत एलान किए हैं। स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक और ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन सहित कई विधेयक लाने से जुड़ी कार्यवाही विभागों के स्तर पर चल रही है। विधानमंडल का पहला सत्र मई में शुरू होकर जुलाई में खत्म हुआ था।
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जानकार बताते हैं कि सरकार कुछ जरूरी कार्यों के लिए चालू वित्त वर्ष का अनुपूरक बजट भी ला सकती है। कई विभागों में विधानमंडल के अगले सत्र में विभिन्न कार्यों के लिए बजट प्रावधान कराने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है। शासन के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि एक दिसंबर को निकाय चुनाव के नतीजे आ जाएंगे।
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सरकार को जनवरी के अंतिम सप्ताह से पहले दूसरा सत्र बुलाना अपरिहार्य है। पिछले सत्र की समाप्ति से जनवरी तक छह महीने पूरे हो जाएंगे। इसलिए दिसंबर के आखिरी सप्ताह से शीत सत्र आहूत किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।