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शराब, बीयर बार व होटल के लाइसेंस बनने बंद
Mon, 15 Apr 2019 01:13 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:13 AM IST
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लखनऊ
- फोटो : self
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नगर निगम में पिछले 14 दिन से होटल, रेस्टोरेंट, बीयर बार, मॉडल शाप और देसी विदेशी शराब की दुकानों सहित करीब दो दर्जन कारोबार के लाइसेंस बनने बंद हैं। एक अप्रैल नए लाइसेंस बनने थे और पुराने का नवीनीकरण होना था।
बीते साल नगर निगम सदन ने इनके शुल्क में बढ़ोतरी की थी, जिसे एक अप्रैल से लागू किया गया है, लेकिन उसको लेकर एक आपत्ति आ गई है। इसका सदन में निस्तारण होना है और आचार संहिता के कारण सदन हो नहीं सकती।
नगर निगम हर साल उपविधि के तहत होटल, गेस्ट हाउस, सिनेमा, अस्पताल व क्लीनिक आदि के लाइसेंस जारी करता है। आय में बढ़ोतरी को लेकर बीते साल शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी, जिसे एक अप्रैल से लागू किया गया।
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लेकिन शुल्क में बढ़ोतरी लेकर होटल वालों और मल्टीप्लेक्स वालों ने आपत्ति कर दी है। आपत्ति का निस्तारण न हो पाने से यह मामला फंस गया है और लाइसेंस बनने बंद हो गए हैं।
महापौर को भेजी है फाइल
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम, महातम यादव ने बताया कि आपत्ति पर निर्णय लेने को महापौर को फाइल भेजी गई है। जैसे ही वहां से निर्णय आएगा लाइसेंस बनाने का काम किया जाएगा। एक सप्ताह के अंदर निर्णय हो जाएगा। उसके बाद लाइसेंस बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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बीते साल नगर निगम सदन ने इनके शुल्क में बढ़ोतरी की थी, जिसे एक अप्रैल से लागू किया गया है, लेकिन उसको लेकर एक आपत्ति आ गई है। इसका सदन में निस्तारण होना है और आचार संहिता के कारण सदन हो नहीं सकती।
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नगर निगम हर साल उपविधि के तहत होटल, गेस्ट हाउस, सिनेमा, अस्पताल व क्लीनिक आदि के लाइसेंस जारी करता है। आय में बढ़ोतरी को लेकर बीते साल शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी, जिसे एक अप्रैल से लागू किया गया।
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लेकिन शुल्क में बढ़ोतरी लेकर होटल वालों और मल्टीप्लेक्स वालों ने आपत्ति कर दी है। आपत्ति का निस्तारण न हो पाने से यह मामला फंस गया है और लाइसेंस बनने बंद हो गए हैं।
महापौर को भेजी है फाइल
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम, महातम यादव ने बताया कि आपत्ति पर निर्णय लेने को महापौर को फाइल भेजी गई है। जैसे ही वहां से निर्णय आएगा लाइसेंस बनाने का काम किया जाएगा। एक सप्ताह के अंदर निर्णय हो जाएगा। उसके बाद लाइसेंस बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।