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सड़क के रास्ते में आने वाले मंदिरों-मूर्तियों की करेंगे दूसरे स्थानों पर प्राण-प्रतिष्ठा : परिवहन मंत्री

Tue, 23 Feb 2021 07:38 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 23 Feb 2021 07:38 PM IST
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Will make the life of temples and idols coming in the way of road to other places: Transport Minister
सांकेतिक तस्वीर
परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने विधान परिषद में कहा कि सड़क के रास्ते में आने वाले मंदिरों और मूर्तियों की पूरे विधि-विधान के साथ दूसरे स्थान पर प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का भी यही आदेश है। उन्होंने कहा कि पंचतीर्थ स्थापित करके बाबा साहेब आंबेडकर को सबसे ज्यादा सम्मान केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया।
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कटारिया आलमबाग बस स्टेशन पर स्वपच सुदर्शन मंदिर और बीआर आंबेडकर की प्रतिमा मूल स्थान से हटाकर दूसरी जगह लगाए जाने संबंधी मुद्दे पर जवाब दे रहे थे। इस मामले को बसपा सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए उठाया था। बसपा के सदस्य भीमराव अंबेडकर ने कहा कि प्रतिमा को मूल स्थाथान से हटाकर आलमबाग बस स्टेशन के बाहर गंदे नाले के ऊपर जबरन स्थानांतरित कर दिया गया। जबकि वर्षों से यह प्रतिमा वहां स्थापित थी। भाजपा सरकार महापुरुषों का सम्मान नहीं कर रही है। बसपा के ही दिनेश चंद्रा ने कहा कि नाले के ऊपर स्लैब डालकर प्रतिमा लगाना अपमान है।
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इस पर अशोक कटारिया ने कहा कि प्रतिमा से जनता का आवागमन बाधित हो रहा था। इसलिए विधि-विधान से दूसरे स्थान पर प्राण-प्रतिष्ठा की गई। उन्होंने कहा कि बीआर आंबेडकर के बनाए संविधान के तहत ही सुप्रीम कोर्ट स्थापित है, जिसके भी यही आदेश हैं। उन्होंने कहा कि अनेक मंदिरों के पास से नाले गुजर रहे हैं। नालों को हटाया नहीं जा सकता। अगर सदस्य सुंदरीकरण के कुछ और सुझाव देंगे तो उसे भी अच्छे से किया जाएगा। उन्होंने पंचतीर्थ की बात रखी तो बसपा सदस्यों ने कहा कि सदन में केंद्र सरकार की बात करना उचित नहीं है। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर संबंधित समिति के सदस्यों को कुछ आपत्ति है तो जिला प्रशासन से बात कर सकते हैं। अधिष्ठाता जयपाल सिंह व्यस्त ने कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्वीकार करते हुए इसे दिखवा लेने के निर्देश दिए।
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