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प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने ही पति को उतारा था मौत के घाट
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लखनऊ। परिवारीजन जिसे असामयिक मौत समझ रहे थे दरअसल हत्या का मामला निकला। माल के निकरोजपुर मंझी गांव निवासी आदित्य तिवारी की गत चार सितंबर को संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है। आदित्य का शव पांच सितंबर को घर में ही पाया गया था।
आदित्य तिवारी की मौत के मामले में परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया था लेकिन गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट आने पर सभी सन्न रह गए जिसमें आदित्य की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। मृतक के छोटे भाई निर्मल तिवारी की तहरीर पर 17 सितम्बर को मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी अंशू तिवारी की परिवार वालों से नहीं बनती थी। वह अपने पति आदित्य और तीन बच्चों के साथ अलग रहती थी। कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी अंशू तिवारी अपने मायके गई थी। जहां इसके बच्चों ने प्रेमी रविशंकर मिश्रा निवासी ग्राम सुकौली थाना रामसनेहीघाट के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। बच्चों ने घर आकर पूरा मामला अपने पिता आदित्य को बताया जिससे वह आग बबूला हो गया और मायके से पत्नी को अपने घर ले आया।
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पुलिस के अनुसार, वह अपने प्रेमी रविशंकर से फोन पर लंबी बातें किया करती थी, यह बात आदित्य को नागवार थी। इसलिए उसने अंशू का मोबाइल तोड़ दिया था। अंशू अपने मायके जाने को बेताब थी लेकिन कोई भेज नहीं रहा था। इस पर अंशू ने अपने प्रेमी को बुलाकर उसकी मदद से चार सितंबर की रात दोनों ने मिलकर आदित्य की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अगले दिन सुबह आदित्य का शव बिस्तर पर मिला तो किसी को हत्या जैसी घटना पर शक नहीं हुआ। इसलिए परिवारीजन पोस्टमार्टम न कराए जाने की बात कह रहे थे। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि तमाम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों व मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की हर गतिविधि पर नजर रखी।
रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि अंशू तिवारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ मंझी के पुल पर कही जाने की फिराक में वाहन का इंतजार कर रही है। सूचना मिलते ही एसओ रविन्द्र कुमार ने टीम के साथ जाकर दोनों को दबोच लिया। महिला ने अपना नाम अंशू तिवारी पत्नी आदित्य तिवारी निवासी निकरोजपुर मंझी व रविशंकर मिश्रा निवासी ग्राम सुकौली थाना रामसनेही घाट बाराबंकी बताया। दोनों ने आदित्य की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदेश कुमार ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये की नकद धनराशि देकर पुरस्कृत किया।
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आदित्य तिवारी की मौत के मामले में परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया था लेकिन गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट आने पर सभी सन्न रह गए जिसमें आदित्य की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। मृतक के छोटे भाई निर्मल तिवारी की तहरीर पर 17 सितम्बर को मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।
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पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी अंशू तिवारी की परिवार वालों से नहीं बनती थी। वह अपने पति आदित्य और तीन बच्चों के साथ अलग रहती थी। कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी अंशू तिवारी अपने मायके गई थी। जहां इसके बच्चों ने प्रेमी रविशंकर मिश्रा निवासी ग्राम सुकौली थाना रामसनेहीघाट के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। बच्चों ने घर आकर पूरा मामला अपने पिता आदित्य को बताया जिससे वह आग बबूला हो गया और मायके से पत्नी को अपने घर ले आया।
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पुलिस के अनुसार, वह अपने प्रेमी रविशंकर से फोन पर लंबी बातें किया करती थी, यह बात आदित्य को नागवार थी। इसलिए उसने अंशू का मोबाइल तोड़ दिया था। अंशू अपने मायके जाने को बेताब थी लेकिन कोई भेज नहीं रहा था। इस पर अंशू ने अपने प्रेमी को बुलाकर उसकी मदद से चार सितंबर की रात दोनों ने मिलकर आदित्य की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अगले दिन सुबह आदित्य का शव बिस्तर पर मिला तो किसी को हत्या जैसी घटना पर शक नहीं हुआ। इसलिए परिवारीजन पोस्टमार्टम न कराए जाने की बात कह रहे थे। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि तमाम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों व मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की हर गतिविधि पर नजर रखी।
रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि अंशू तिवारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ मंझी के पुल पर कही जाने की फिराक में वाहन का इंतजार कर रही है। सूचना मिलते ही एसओ रविन्द्र कुमार ने टीम के साथ जाकर दोनों को दबोच लिया। महिला ने अपना नाम अंशू तिवारी पत्नी आदित्य तिवारी निवासी निकरोजपुर मंझी व रविशंकर मिश्रा निवासी ग्राम सुकौली थाना रामसनेही घाट बाराबंकी बताया। दोनों ने आदित्य की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदेश कुमार ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये की नकद धनराशि देकर पुरस्कृत किया।