'क्यों नहीं हो रही यौन शोषण के आरोपी डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी'
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डीआईजी प्रवीण कुमार ने नर्सिंग छात्रा से यौन शोषण और उसकी हत्या मामले में डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी न होने पर बुधवार को एएसपी ट्रांसगोमती को जमकर फटकार लगाई। डीआईजी ने पूछा कि अभी तक डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
इस मामले में उन्होंने एएसपी दुर्गेश कुमार, सीओ मीनाक्षी गुप्ता और इंस्पेक्टर नागेश मिश्रा को तलब किया था। डीआईजी ने इंस्पेक्टर मडियांव के खिलाफ जांच का आदेश भी दे दिया। साथ ही, मृतका के भाई की मांग पर एसएसपी मंजिल सैनी को पत्र लिखकर इस मामले की विवेचना एएसपी ट्रांसगोमती क्षेत्र से बाहर कराने का निर्देश दिया।
बता दें, संतकबीरनगर की रहने वाली युवती के भाई ने पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब के खिलाफ यौन शोषण व गलत दवा देकर हत्या का आरोप लगाते हुए मडियांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
फरवरी के अंतिम सप्ताह में दर्ज रिपोर्ट के करीब एक महीने बाद भी पुलिस ने डॉ. अय्यूब को गिरफ्तार नहीं किया। इसकी शिकायत लेकर बुधवार को युवती का भाई डीआईजी से मिला और विवेचना किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की।
डीआईजी को ही गुमराह कर रहे मातहत
यौन शोषण व हत्या के मामले में डीआईजी को उनके मातहत ही गुमराह कर रहे हैं। बुधवार को तलब किए गए एएसपी, सीओ और इंस्पेक्टर यह नहीं बता सके कि रिपोर्ट दर्ज होने के एक महीने में भी अय्यूब के खिलाफ वारंट क्यों नहीं जारी हुआ। इस पर डीआईजी ने एसएसपी मंजिल सैनी को पत्र लिखकर विवेचना एएसपी ट्रांसगोमती क्षेत्र से हटाने का निर्देश दे दिया।
मडियांव इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच का आदेश
मडियांव पुलिस ने यौन शोषण व हत्या मामले में आरोपी डॉ. अय्यूब को गिरफ्तार करने के बजाय उसकी खूब खातिरदारी की।
इसकी शिकायत मिलने पर डीआईजी ने इंस्पेक्टर मडियांव नागेश मिश्रा के खिलाफ जांच करने का आदेश जारी कर दिया।
इससे पहले मृतका के भाई ने डीआईजी को बताया कि पुलिस ने डॉ. अय्यूब को थाने में अपना पक्ष रखने के लिए के बुलाया, लेकिन न तो उसे हिरासत में लिया गया और न ही उससे कोई सख्ती की गई।