सरकार हफ्ते भर में करेगी नए महाधिवक्ता की तैनाती
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मौजूदा समय में एसपी गुप्ता सूबे के महाधिवक्ता हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी के हलफनामे के हवाले से यह जानकारी शुक्रवार को हाईकोर्ट को दी गई।
मुख्य सचिव के हलफनामे में कहा गया कि महाधिवक्ता गत 18 अक्तूबर को इस्तीफा दे चुके हैं और राज्यपाल ने इसे मंजूर कर लिया है।
साथ ही एसपी गुप्ता से आग्रह किया गया कि जब तक नए महाधिवक्ता ज्वाइन न कर लें तब तक वे महाधिवक्ता रहेंगे।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने मुख्य सचिव के इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर ले लिया।
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अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी, बुलबुल गोदियाल व मुख्य स्थायी अधिवक्ता आईपी सिंह ने अदालत को आश्वस्त किया कि सूबे केनए महाधिवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया हफ्ते भर के अंदर पूरी कर ली जाएगी।
महाधिवक्ता की गैरमौजूदगी में याची का केस राय केलिए किसी अपर महाधिवक्ता के सुपुर्द कर दिया जाएगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को तय की है।
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दरअसल यह मामला पीसीएस अफसर हरिशंकर पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के तहत आरोप पत्र दिए जाने से संबंधित है। पांडेय ने इस पूरी कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती दी है।
उनकी लंबित याचिका जब 24 अक्तूबर को सुनवाई के लिए पेश हुई तो अदालत को बताया गया कि याची की फाइल राय के लिए महाधिवक्ता एसपी गुप्ता को भेजी गई थी। महाधिवक्ता ने 18 अक्तूबर को पद छोड़ दिया है और उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
इस पर कोर्ट ने सूबे के मुख्य सचिव को 25 अक्तूबर को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अदालत ने सख्त टिप्पणी की थी कि महाधिवक्ता के बगैर राज्य नहीं चल सकता है या फिर इससे संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है।
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