{"_id":"68f93c56b8b8084f9b016b3a","slug":"wherever-there-is-a-superintending-engineer-in-the-vertical-he-will-become-powerful-lucknow-news-c-13-knp1050-1437062-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: वर्टिकल में जो जहां अधीक्षण अभियंता, वहीं बनेंगे पावरफुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: वर्टिकल में जो जहां अधीक्षण अभियंता, वहीं बनेंगे पावरफुल
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। राजधानी में एक नवंबर से बिजली विभाग की मौजूदा व्यवस्था खत्म होकर वर्टिकल सिस्टम लागू हो जाएगा। इस नई व्यवस्था में अधीक्षण अभियंताओं को अपने-अपने जोनों में अधिक अधिकार और जिम्मेदारी मिलेगी।
वर्टिकल सिस्टम के तहत अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में जो अधीक्षण अभियंता पहले से तैनात हैं, वही अब अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) और अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) दोनों की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिन जोनों में केवल एक अधीक्षण अभियंता हैं, वहां अस्थायी रूप से उन्हें दोनों पदों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत नियुक्तियों के आदेश शुक्रवार से जारी होने की संभावना है।
पहली तैनाती तय, कौन कहां संभालेगा जिम्मेदारी
वर्टिकल सिस्टम में भविष्य कुमार सक्सेना को अमौसी जोन, केके चौधरी को लखनऊ मध्य जोन, गीता आनंद को जानकीपुरम जोन, प्रेमलता को गोमतीनगर जोन में पहली तैनाती मिलनी तय है। इन अधीक्षण अभियंताओं को तकनीकी और वाणिज्य दोनों विभागों की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। इनमें से एक जिम्मेदारी स्थायी होगी, जबकि दूसरी अतिरिक्त कार्यभार के रूप में दी जाएगी।
विज्ञापन
चार नए अधीक्षण अभियंता होंगे प्रमोशन से
वर्टिकल व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए चार और अधीक्षण अभियंताओं की आवश्यकता होगी। प्रबंधन के अनुसार, अगले एक सप्ताह में अधिशासी अभियंताओं का प्रमोशन कर अधीक्षण अभियंता बनाया जाएगा। प्रमोशन के बाद नए अभियंताओं की तैनाती राजधानी में की जाएगी।
तीन मलाईदार पदों पर खींचतान जारी
वर्टिकल सिस्टम में अधिशासी अभियंता स्तर के तीन प्रमुख (मलाईदार) पदों को लेकर चारों जोनों में खींचतान चल रही है। ये पद हैं-
1. नए बिजली कनेक्शन का प्रभार
2. 11 केवी और 440 वोल्ट लाइन फॉल्ट मेंटेनेंस
3. प्रवर्तन (बिजली चोरी पर कार्रवाई और छापेमारी)
नई व्यवस्था में इन्हीं तीन पदों पर तैनात अधिकारियों का महत्व और प्रभाव सबसे अधिक रहेगा।
जानें, क्या है वर्टिकल सिस्टम
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने फैसला लिया है कि एक नवंबर से राजधानी लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं की सेवा के लिए खंड और मंडल आधारित पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इसकी जगह वर्टिकल सिस्टम लागू होगा। इस सिस्टम में उपभोक्ता के सभी काम चाहे कनेक्शन से जुड़ा हो, बिलिंग या लाइन फॉल्ट, एक ही स्तर पर अधीक्षण अभियंता के माध्यम से निपटाए जाएंगे। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उपभोक्ताओं को एक ही पॉइंट पर समाधान मिलेगा।
विज्ञापन
वर्टिकल सिस्टम के तहत अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में जो अधीक्षण अभियंता पहले से तैनात हैं, वही अब अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) और अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) दोनों की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिन जोनों में केवल एक अधीक्षण अभियंता हैं, वहां अस्थायी रूप से उन्हें दोनों पदों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत नियुक्तियों के आदेश शुक्रवार से जारी होने की संभावना है।
विज्ञापन
पहली तैनाती तय, कौन कहां संभालेगा जिम्मेदारी
वर्टिकल सिस्टम में भविष्य कुमार सक्सेना को अमौसी जोन, केके चौधरी को लखनऊ मध्य जोन, गीता आनंद को जानकीपुरम जोन, प्रेमलता को गोमतीनगर जोन में पहली तैनाती मिलनी तय है। इन अधीक्षण अभियंताओं को तकनीकी और वाणिज्य दोनों विभागों की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। इनमें से एक जिम्मेदारी स्थायी होगी, जबकि दूसरी अतिरिक्त कार्यभार के रूप में दी जाएगी।
विज्ञापन
चार नए अधीक्षण अभियंता होंगे प्रमोशन से
वर्टिकल व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए चार और अधीक्षण अभियंताओं की आवश्यकता होगी। प्रबंधन के अनुसार, अगले एक सप्ताह में अधिशासी अभियंताओं का प्रमोशन कर अधीक्षण अभियंता बनाया जाएगा। प्रमोशन के बाद नए अभियंताओं की तैनाती राजधानी में की जाएगी।
तीन मलाईदार पदों पर खींचतान जारी
वर्टिकल सिस्टम में अधिशासी अभियंता स्तर के तीन प्रमुख (मलाईदार) पदों को लेकर चारों जोनों में खींचतान चल रही है। ये पद हैं-
1. नए बिजली कनेक्शन का प्रभार
2. 11 केवी और 440 वोल्ट लाइन फॉल्ट मेंटेनेंस
3. प्रवर्तन (बिजली चोरी पर कार्रवाई और छापेमारी)
नई व्यवस्था में इन्हीं तीन पदों पर तैनात अधिकारियों का महत्व और प्रभाव सबसे अधिक रहेगा।
जानें, क्या है वर्टिकल सिस्टम
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने फैसला लिया है कि एक नवंबर से राजधानी लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं की सेवा के लिए खंड और मंडल आधारित पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। इसकी जगह वर्टिकल सिस्टम लागू होगा। इस सिस्टम में उपभोक्ता के सभी काम चाहे कनेक्शन से जुड़ा हो, बिलिंग या लाइन फॉल्ट, एक ही स्तर पर अधीक्षण अभियंता के माध्यम से निपटाए जाएंगे। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उपभोक्ताओं को एक ही पॉइंट पर समाधान मिलेगा।