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Lucknow News: ...जब नाटक में पूर्व जज ने निभाया जज का किरदार, धर्म को आत्मसात नहीं, बल्कि अपने अंदर उतारना है
Thu, 30 Jan 2025 02:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2025 02:19 AM IST
सार
नाटक में वकील और आरोपी में खूब बहस होती है, जिसमें वकील इस बात को मानने को तैयार ही नहीं है कि कोई शख्स ईश्वर की हत्या कर सकता है।
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नाटक का मंचन करते कलाकार।
विस्तार
राजधानी लखनऊ स्थित हेरिटेज ऑफ अवध ट्रस्ट की ओर से बुधवार को संगीत नाटक अकादमी की वाल्मीकि रंगशाला में नाटक हत्या का मंचन किया गया। इसमें जज का किरदार निभाने वाले बीडी नकवी वास्तविक रूप से भी जज रह चुके हैं।
नाटक में आरोपी बने आदर्श तिवारी के पिता की कैंसर से मृत्यु हो जाती है। आरोपी धनाभाव के कारण अपने पिता का सही से इलाज न करा पाने से इतना दुखी हुआ कि वह ईश्वर से ही नाराज हो गया और ईश्वर की हत्या कर दी। नाटक में वकील और आरोपी में खूब बहस होती है, जिसमें वकील इस बात को मानने को तैयार ही नहीं है कि कोई शख्स ईश्वर की हत्या कर सकता है।
नाटक संदेश देता है कि हमें धर्म को आत्मसात नहीं करना है, बल्कि अपने अंदर धर्म को उतारना है। नाटक में प्रणव श्रीवास्तव, आदर्श तिवारी, अतुल द्विवेदी, मुस्कान सोनी, रंजीत पाल व संकल्प ने अहम भूमिकाएं निभाईं। नाटक का निर्देशन रियाज अल्वी ने किया। कार्यशाला निर्देशक रहमान खान, प्रोडयूसर मुजतबा खान व म्यूजिक सहायक अलिशबा खान रहीं। संचालन अंजुम ने किया।
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नाटक में आरोपी बने आदर्श तिवारी के पिता की कैंसर से मृत्यु हो जाती है। आरोपी धनाभाव के कारण अपने पिता का सही से इलाज न करा पाने से इतना दुखी हुआ कि वह ईश्वर से ही नाराज हो गया और ईश्वर की हत्या कर दी। नाटक में वकील और आरोपी में खूब बहस होती है, जिसमें वकील इस बात को मानने को तैयार ही नहीं है कि कोई शख्स ईश्वर की हत्या कर सकता है।
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नाटक संदेश देता है कि हमें धर्म को आत्मसात नहीं करना है, बल्कि अपने अंदर धर्म को उतारना है। नाटक में प्रणव श्रीवास्तव, आदर्श तिवारी, अतुल द्विवेदी, मुस्कान सोनी, रंजीत पाल व संकल्प ने अहम भूमिकाएं निभाईं। नाटक का निर्देशन रियाज अल्वी ने किया। कार्यशाला निर्देशक रहमान खान, प्रोडयूसर मुजतबा खान व म्यूजिक सहायक अलिशबा खान रहीं। संचालन अंजुम ने किया।
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