यूपी का मौसम: अब तक इन जिलों में हुई सर्वाधिक बारिश, पर 'एलनीनो' की सक्रियता से गायब हो सकते हैं बादल
यूपी की राजधानी सहित कई जिलों में अब तक अच्छी बारिश हुई है। लेकिन एलनीनो की वजह से बारिश के इस क्रम में खलल भी पड़ सकता है।
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उत्तर प्रदेश शनिवार को सामान्य से अधिक बरसात पर झूम उठा है। राजधानी सहित करीब-करीब हर जिले में औसत से अच्छी या औसत बारिश हुई। पर जरूरी नहीं है कि आगे भी मौसम ऐसा ही रहे। मौसम विभाग की मासिक रिपोर्ट ये भी इशारा कर रही है कि जितना लुत्फ मानसून का लेना है अभी ले लें। आने वाले वक्त में एलनीनो की सक्रियता से उत्तर प्रदेश को सामान्य से कम बारिश मिल सकती है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ एलनीनो गर्म हो गया है। इसका दक्षिण पश्चिम मानसून से नकारात्मक संबंध हैं। मानसून सीजन के मध्य जुलाई-अगस्त में एलनीनो के सक्रिय होने की प्रबल संभावना है।
इसके कारण उत्तर प्रदेश में बरसात पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और यह सामान्य से भी कम हो सकती है। हालांकि हिंद महासागर में आईओडी परिस्थितियां सक्रिय हैं, जिनका दक्षिण पश्चिम मानसून के साथ सकारात्मक संभव होता है। यदि ये उस वक्त भी सक्रिय रहीं तो एलनीनो के प्रभाव को कम कर सकती हैं।
पश्चिम यूपी में होगी अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश में कुल 22.1 मिमी बरसात रिकार्ड हुई, जो कि एक जुलाई के हिसाब से सामान्य बारिश (5.4 मिमी) से 309 फीसदी अधिक है। जिन तीन जिलों में सर्वाधिक बारिश रिकॉर्ड हुई उनमें सिद्धार्थनगर में सर्वाधिक बरसात 177.7 मिमी, गोरखपुर में 109.3 मिमी और संतकबीरनगर में 101.5 मिमी. बरसात रिकॉर्ड हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से की बात करें तो पश्चिम में बरसात अधिक रहेगी जुलाई 2003 के दौरान। इसी क्रम में जुलाई माह के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसत मासिक तापमान सामान्य अथवा सामान्य से ऊपर रहने, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह सामान्य अथवा सामान्य से नीचे रहने की संभावना सर्वाधिक है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 23 जून को सिद्धार्थनगर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया तथा 25 जून को सम्पूर्ण प्रदेश को आच्छादित कर लिया| जून महीने के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी वर्षा दीर्घकालिक औसत से 44% कम, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30% अधिक रही, जिसके कारण प्रदेश में जून माह के दौरान औसत से 19% कम बारिश हुई, जो सामान्य कही जाती है।
बारिश के चलते कई इलाकों में बत्ती गुल
राजधानी में शनिवार को सुबह से रूक-रूक करके हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बत्ती गुल हुई। यह बिजली संकट ट्रांसफार्मर पेटी जलने , एबीसी टूटने के कारण उत्पन्न हुआ। उधर, बारिश के कारण उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतें भी बढ़ी। उपभोक्ताओं ने बताया कि चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र इलाके गणेशपुर आदि में सुबह आठ बजे बिजली की आवाजाही के बाद आपूर्ति ठप हो गई।
उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर शिकायतें दर्ज कराई, मगर समय से बिजली चालू नही हो सकी। वहीं, सुबह से शाम तक तिलक मार्ग, डालीबाग, जापलिंग रोड एवं नरही में कई बार बिजली आपूर्ति में व्यवधान आया। इसके अतिरिक्त गोमतीनगर, इंदिरानगर, महानगर एवं पुराने शहर चौक, ठाकुरगंज व अमीनाबाद में देर रात तक बिजली की आवाजाही लगी रही।