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जरा ध्यान दें: कम होता है ऑक्सीजन स्तर, पर मजबूरी है मास्क पहनना; पढ़ें आखिर डॉक्टर क्यों दे रहे ऐसी सलाह?
Tue, 05 Nov 2024 10:31 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 05 Nov 2024 10:31 AM IST
सार
मास्क पहनकर छह मिनट चलने पर ऑक्सीजन स्तर और श्वसन दर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। विपरीत असर के बावजूद डॉक्टरों ने प्रदूषण के स्तर और संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने की सलाह दी।
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वायु प्रदूषण
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विस्तार
थ्री लेयर मास्क पहनने पर ऑक्सीजन के स्तर व श्वनन दर दोनों पर विपरीत असर पड़ता है। इसके बावजूद प्रदूषण के बिगड़ते स्तर और संक्रमण से बचने के लिए इसका उपयोग करना जरूरी है। लखनऊ स्थित केजीएमयू के फिजियोलॉजी विभाग में हुए अध्ययन में ये निष्कर्ष निकले हैं। इस अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित कर मान्यता दी गई है।
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इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन प्रो. श्रद्धा सिंह, प्रो. जगदीश नारायण और डॉ. मो. तनवीर ने किया है। इसमें 20 से 50 वर्ष की उम्र के 104 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया। इसमें 86 पुरुष और 18 महिलाएं थीं।
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श्वसन दर में प्रति मिनट का अंतर आया
इन सभी को केजीएमयू के फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभागों के बीच 30 मीटर के गलियारे में थ्री लेयर मास्क लगाकर छह मिनट चलने के लिए कहा गया। इन सभी में इससे पहले व बाद में ऑक्सीजन का स्तर और श्वसन दर मापी गई। पाया गया कि मास्क पहनने के बाद इन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। जांच में पता चला कि ऑक्सीजन का स्तर बिना मास्क 98 से 99 था, उन लोगों में मास्क पहनने के बाद 96 से 98 हो गया। इसी तरह श्वसन दर में प्रति मिनट चार से छह बार का अंतर आया।यह भी पढ़ेंः- यूपी: लखनऊ में मिला कालाजार का मरीज, अलर्ट पर आया स्वास्थ्य विभाग, इलाके के 500 परिवारों की होगी जांच
...इसलिए किया गया अध्ययन
लखनऊ की हवा खराब होती जा रही है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार सामान्य से खराब स्तर की ओर बढ़ता जा रहा है। दीपावली के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद तेजी से खराब हो रहा है। ऐसे में सांस के रोगियों के लिए दिक्कतें बढ़ती हैं।यह भी पढ़ेंः- UP News: डीजीपी की नियुक्ति के निर्णय पर अखिलेश ने कसा तंज, बोले- दिल्ली से अपने हाथ में लगाम लेने की कोशिश
डॉक्टर इन्हें मास्क लगाने की सलाह देते हैं। ऐसे में मास्क के इस्तेमाल का आकलन के लिए यह अध्ययन किया गया। अध्ययन के बाद मास्क के लगातार इस्तेमाल के बजाय प्रदूषण और संक्रमण वाले स्थानों पर इसे लगाने की सलाह दी गई है।