'अयोध्या तो बस झांकी है... काशी-मथुरा बाकी है, जहां-जहां दाग हैं सब साफ किया जाएगा'
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अयोध्या में बाबरी ढांचा विध्वंस पर फैसला आने के बाद मामले में आरोपी रहे लोगों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सत्य की जीत हुई है। आचार्य धर्मेंद्र ने फैसले के बाद मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि अयोध्या तो बस झांकी है। काशी-मथुरा बाकी है। जहां-जहां दाग हैं, सब साफ किया जाएगा।
बता दें कि इसके पहले विध्वंस में आरोपी रहे विनय कटियार ने भी बयान दिया था कि अयोध्या की तरह अब काशी-मथुरा को भी मुक्त कराएंगे। हम आंदोलन के तैयार हैं।
गौरतलब है कि अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को ढहाए गए विवादित ढांचे के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है।
28 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद न्यायाधीश एसके यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ढांचा विध्वंस की घटना के पूर्वनियोजित होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं। मामले से जुड़े सभी आरोपियों को बरी किया जाता है।
दरअसल, कोर्ट के फैसले पर देश भर की नजरें थीं। जिसे लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए थे। फैसले के बाद अयोध्या सहित देश में कई जगहों पर लोगों ने जश्न मनाया और कहा कि सत्य की जीत हुई है। लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया फैसले का स्वागत
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि आरोपित सभी दोषियों को ससम्मान बरी करने के निर्णय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वागत करता है। इस निर्णय के उपरांत समाज के सभी वर्गों को परस्पर विश्वास और सौहार्द के साथ मिलकर देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश को प्रगति की दिशा में ले जाने के कार्य में जुट जाना चाहिए।