नौ महीने में रोक दी दस लाख गायों की तस्करी: राजनाथ सिंह
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पिछले दिनों बांग्लादेश के हाईकमिश्नर ने उनसे खुद यह कहा कि भारत की सख्ती के कारण बांग्लादेश में गाय का मांस काफी महंगा हो गया है। हमने उनसे भी साफ कर दिया कि सरकार गायों की तस्करी नहीं होने देगी।
मौजूदा सरकार को जब मालूम हुआ कि बांग्लादेश को प्रतिवर्ष 13 लाख गायों की तस्करी होती है। तो हमने खुद सीमा पर जाकर सुरक्षा बलों से अनुरोध किया कि गाय की तस्करी नहीं होनी चाहिए। नतीजा सामने है, सुरक्षा बलों ने महज नौ महीने में लगभग 10 लाख गायों की तस्करी रोक दी है। सरकार इसे पूरी तरह रोकने को कटिबद्ध है।
ये बातें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कही। गृहमंत्री यहां निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के माधव सभागार में पूर्व विधायक डीपी बोरा की स्मृति में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह में बोल रहे थे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी ताकत से देश की बाह्य व आंतरिक सुरक्षा में जुटी है। किसी को भी देश की सुरक्षा और लोगों के सम्मान व स्वाभिमान से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उग्रवाद व आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग हिंसा के सहारे समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे बात नहीं होगी। सरकार उनसे तभी बात करेगी, जब वह हिंसा छोड़ेंगे।
पाक की हरकतें भारत से रिश्ते सुधारने में बाधा
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, भारत पाकिस्तान के साथ दिल के रिश्ते रखना चाहता है लेकिन उनकी हरकतें ही रिश्ते सुधारने में बाधा है। जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत से पाकिस्तान व बांग्लादेश को गायों की तस्करी रोकने को कटिबद्ध है। सरकार को इसमें सफलता भी मिल रही है।
सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमने सरकार के शपथग्रहण में सभी पड़ोसियों को आमंत्रित किया था।
यूएनओ में त्राहिमाम करने को मजबूर पाकिस्तान
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पड़ोसियों से बेहतर रिश्ते रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान की तरफ अगर हमारे नागरिकों पर गोलियां चलाई जाएंगी तो हमारे भी सुरक्षा बल मौन नहीं रहेंगे।
सरकार को अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है, जिनकी जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्रसंघ में त्राहिमाम करनी पड़ रही है।