एनआरसी को लेकर हम मुस्लिम समुदाय के साथ, लेकिन शांति बनाए रखें प्रदर्शनकारीः कल्बे जव्वाद
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को खदरा से गंज तक हिंसा-बवाल से पैदा हुए तनाव के बीच शुक्रवार को जुमे की नमाज में शहर की मस्जिदों में अमन के लिए दुआ को हाथ उठे। इमाम ने खुत्बे में शहर में शांति कायम रखने के लिए प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस से भी संयम बरतने की अपील की।
टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान रहमानी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के संबंध में जल्द ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाएगा। यह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस कानून में संशोधन की मांग करेगा।
उधर, इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी ने नमाज के बाद कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हम मुस्लिम समुदाय के साथ हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी शांति बनाए रखें, क्योंकि बातचीत से हर समस्या का हल निकल सकता है।
सरकार से बातचीत कर निकालेंगे मसले का हल
मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पारित हुआ है, लेकिन एनआरसी अभी लागू नहीं है। ऐसे में हम सरकार से बातचीत कर मसले का हल निकालने की कोशिश करेंगे। इसके बावजूद भी हल न निकला तो देश का 20 करोड़ मुसलमान नागरिकता साबित करने को कोई भी दस्तावेज जमा नहीं करेगा।
मौलाना ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से घरों में घुसकर महिलाओं से अभद्रता न करने की अपील की। ऐशबाग ईदगाह स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज में मौलाना सुफियान निजामी, शाहमीना शाह दरगाह स्थित मस्जिद में मौलाना अजमल ने शांति बनाए रखने की अपील की। इरादत नगर स्थित मस्जिद मदार बख्श, चमन वाली मस्जिद, लाहौरगंज स्थित शाही मस्जिद, खदरा स्थित मस्जिद मुशाहिदी, डोर वाली मस्जिद में अमन कायम रखने की दुआ मांगी गई।
सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं
वहीं भाजपा संगठन ने भी मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की और उनके सामने सीएए के तथ्य रखे। बैठक के बाद मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। किसी को यदि इस कानून को लेकर कोई भ्रम है तो बात करनी चाहिए। फसाद से पॉलिटिकल पार्टियों का फायदा होगा। मुसलमानों का नुकसान ही होगा। पार्टियां यही चाहती हैं कि मुसलमानों का नुकसान हो ताकि वे मुसलमानों की हमदर्दी हासिल कर सकें।