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Lucknow News: सीपेज से जलभराव, कैसे बने अंडरपास
Mon, 16 Dec 2024 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 16 Dec 2024 12:43 AM IST
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बछरावां (रायबरेली)। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड में बछरावां और श्रीराज नगर रेलवे स्टेशनों के बीच अंडरपास बनाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। सीपेज की वजह से जलभराव हो जाता है। यह अंडरपास नीमटीकर गांव में रेलवे ट्रैक के नीचे बन रहा है। एक साल से चल रहा काम अब तक पूरा नहीं हो सका है।
इस कारण आसपास रहने वाले 10 से अधिक गांवों की लगभग 20 हजार आबादी को लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्तों से जाना पड़ रहा है। दिसंबर के अंत तक अंडरपास बनने की बात कही गई थी, ताकि जनवरी से आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिल सके।
नीमटीकर गांव में अंडरपास बनाने का काम एक साल पहले शुरू हुआ था। समस्या उस समय गंभीर हो गई, जब भूमिगत रास्ता बनाने के लिए खोदाई शुरू कराई गई। सीपेज की वजह से खोदे गए गड्ढों में पानी भर जाता है। ट्रैक के नीचे जिस दिन पत्थर रखने का काम कराया गया, उस दिन भी काफी समस्या आई थी।
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अब दोनों तरफ अंडरपास का रास्ता बनाने का काम हो रहा है, जिसमें भी जलभराव की वजह से दिक्कत आ रही है। पानी निकालने के लिए पंप लगा है। जैसे ही पानी निकाल कर काम शुरू किया जाता है, कुछ देर बाद फिर पानी भर जाता है।
बताया जाता है कि आसपास तालाब बने हुए हैं। भूमिगत रिसाव के कारण गड्ढे खोदने के दौरान पानी रिसता हुआ भर जाता है। यही वजह है कि अंडरपास बनाने का काम तेज गति से नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण सुमित, प्रशांत, राम अचल, मोनू ने कहा कि अंडरपास बनने में देरी हो रही है। इसके बनने के बाद भी जलभराव से जूझना पड़ेगा। ठेकेदार बृजेश कुमार ने बताया कि सीपेज के कारण काम में देरी हो रही है। गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए काम करा रहे हैं, ताकि बाद में दिक्कत न आए।
अंडरपास बनाने में सीपेज के कारण काम तेजी नहीं हो पा रही है। जमीन में कंक्रीट का कार्य होने के बाद सीपेज बंद हो जाएगा। इसे लेकर काम किया जा रहा है।
- विनोद कुमार, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, बछरावां
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इस कारण आसपास रहने वाले 10 से अधिक गांवों की लगभग 20 हजार आबादी को लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्तों से जाना पड़ रहा है। दिसंबर के अंत तक अंडरपास बनने की बात कही गई थी, ताकि जनवरी से आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिल सके।
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नीमटीकर गांव में अंडरपास बनाने का काम एक साल पहले शुरू हुआ था। समस्या उस समय गंभीर हो गई, जब भूमिगत रास्ता बनाने के लिए खोदाई शुरू कराई गई। सीपेज की वजह से खोदे गए गड्ढों में पानी भर जाता है। ट्रैक के नीचे जिस दिन पत्थर रखने का काम कराया गया, उस दिन भी काफी समस्या आई थी।
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अब दोनों तरफ अंडरपास का रास्ता बनाने का काम हो रहा है, जिसमें भी जलभराव की वजह से दिक्कत आ रही है। पानी निकालने के लिए पंप लगा है। जैसे ही पानी निकाल कर काम शुरू किया जाता है, कुछ देर बाद फिर पानी भर जाता है।
बताया जाता है कि आसपास तालाब बने हुए हैं। भूमिगत रिसाव के कारण गड्ढे खोदने के दौरान पानी रिसता हुआ भर जाता है। यही वजह है कि अंडरपास बनाने का काम तेज गति से नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण सुमित, प्रशांत, राम अचल, मोनू ने कहा कि अंडरपास बनने में देरी हो रही है। इसके बनने के बाद भी जलभराव से जूझना पड़ेगा। ठेकेदार बृजेश कुमार ने बताया कि सीपेज के कारण काम में देरी हो रही है। गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए काम करा रहे हैं, ताकि बाद में दिक्कत न आए।
अंडरपास बनाने में सीपेज के कारण काम तेजी नहीं हो पा रही है। जमीन में कंक्रीट का कार्य होने के बाद सीपेज बंद हो जाएगा। इसे लेकर काम किया जा रहा है।
- विनोद कुमार, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, बछरावां