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तीस साल बाद जलकल ने दिए जमीन के ३३ लाख, विस्तार की अड़चन दूर

Tue, 03 Sep 2019 01:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2019 01:18 AM IST
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Water problem will be clear very soon in balaganj
30 साल बाद दूर होगा बालागंज जलकल के विस्तार का संकट, दो लाख की आबादी को मिलेगी राहत
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बालागंज जलकल के विस्तार में रोड़ा बना जमीन का विवाद अब 30 साल बाद हल हो सकता है। न्यायालय के आदेश को देखते हुए जलकल विभाग ने जमीन के मुआवजे के लिए 33.26 लाख रुपये जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं।
चूंकि जमीन का अधिग्रहण उस समय नहीं हुआ था, इसलिए अब इसकी रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके बाद जलकल के विस्तार का रास्ता साफ हो जाएगा।
बालागंज जलकल से पुराने लखनऊ से जुड़े बालागंज, चौक, कश्मीरी मोहल्ला और डालीगंज तक के कई इलाकों की करीब पांच लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति की जाती है।
हालांकि, अभी हरदोई रोड और आईआईएम रोड की नई कॉलोनियों में पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति का सिस्टम नहीं है।
यहां के बरिगंवा, बेगरिया, बरीकला, छंदोइया सहित कई गांवों में पेयजल आपूर्ति की सरकारी व्यवस्था नहीं है। लोग हैंडपंप व सबमर्सिबल के सहारे हैं।
नगर निगम की सीमा का फिर विस्तार हो रहा है। इससे बालागंज जलकल के आसपास के कई गांव और जोड़े गए हैं।
आने वाले समय में वहां पर नगर निगम को पेयजल की सुविधाएं देनी होंगी, लेकिन जमीन विवाद के कारण बालागंज जलकल के विस्तार की योजना पर काम नहीं हो पा रहा था।
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इससे करीब दो लाख की आबादी को पेयजल सुविधा की योजनाएं ही नहीं बनाई जा रही थीं। अब इस आबादी को आने वाले समय में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मामले पर एक नजर
बालागंज जलकल ग्राम बालकगंज में खसरा संख्या 67 की 10 बीघा 15 बिस्वा जमीन पर बना है। जलकल निर्माण के लिए 1987 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद 1988 में खसरा संख्या 67 की 01 बीघा 15 बिस्वा जमीन अधिग्रहीत करने का अवार्ड हुआ और लिखित में उतनी ही जमीन का कब्जा भी जलकल निर्माण के लिए दिया गया। हालांकि, कार्यदायी संस्था जल निगम ने अधिग्रहीत सेे नौ बीघा अधिक जमीन घेर ली। वहीं, यह अतिरिक्त जमीन न तो अधिग्रहीत की गई और न ही इसका मुआवजा दिया गया। इसके आधार पर उच्च न्यायालय ने वर्ष 2007 में जमीन का मुआवजा देने या जमीन वापस करने का आदेश दिया, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। इसके बाद दोबारा यह मामला कोर्ट गया और अवमानना याचिका दायर हुई।
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अवमानना के डर से मुआवजा देने को राजी
कोर्ट में अवमानना का वाद दायर होने के बाद जलकल, जल निगम, एलडीए, नगर निगम से लेकर शासन तक के अधिकारी हरकत में आए। यह तय किया कि जो नौ बीघा अधिक जमीन है उसका मुआवजा जलकल विभाग देगा। इसके बाद जलकल ने 1987 में अधिग्रहण के लिए तय दर के आधार पर नौ बीघा जमीन का मुआवजा देने के लिए 33.26 लाख रुपये जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं।

जिला प्रशासन को सौंप दी मुआवजा राशि
महाप्रबंधक जलकल विभाग, एसके वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश के तहत जमीन का मुआवजा देने के लिए जलकल विभाग ने पैसा जिला प्रशासन को सौंप दिया है। मुआवजा की राशि उस दर से दी गई जिस दर पर उस समय जमीन अधिग्रहीत की गई थी।
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