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Lucknow News: मुख्यमंत्री ने जहां रोपे थे पौधे, वहां भरा पानी
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पानी में डूबे पौधे।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल वन क्षेत्र स्थित महर्षि चरक औषधीय वन में पौधरोपण किया था। विश्व पर्यावरण दिवस पर रोपे गए इन पौधों के चारों ओर पानी भर गया है। इस जलभराव के कारण करीब 200 पौधों के सड़ने और गलने का संकट खड़ा हो गया है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा और आयुर्वेद को ध्यान में रखते हुए इस औषधीय वन में विशेष प्रजाति के पौधे लगाए गए थे। इनमें नीम, आंवला, अर्जुन, बहेड़ा, अशोक, सहजन, कढ़ी पत्ता और बेल सहित अन्य औषधीय पौधे शामिल हैं। करीब एक बीघे में किए गए इस पौधरोपण से पहले जमीन को सही तरीके से समतल नहीं किया गया था। ढलान की वजह से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो सकी और वहां जलभराव हो गया है।
वन की देखरेख कर रहे कर्मचारी ने बताया कि पानी भरने से पौधों की जड़ें सड़ने लगी हैं। जलभराव के कारण पौधों की जड़ों तक ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है, जिससे छोटे पौधे नष्ट हो रहे हैं। हालांकि, सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि औषधीय वन में पौधों की संख्या कम न हो। डीएफओ सितांशु पांडेय के अनुसार, औषधीय वन की नियमित देखरेख की जा रही है। वहां पानी न जमा हो, इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।
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स्वास्थ्य, चिकित्सा और आयुर्वेद को ध्यान में रखते हुए इस औषधीय वन में विशेष प्रजाति के पौधे लगाए गए थे। इनमें नीम, आंवला, अर्जुन, बहेड़ा, अशोक, सहजन, कढ़ी पत्ता और बेल सहित अन्य औषधीय पौधे शामिल हैं। करीब एक बीघे में किए गए इस पौधरोपण से पहले जमीन को सही तरीके से समतल नहीं किया गया था। ढलान की वजह से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो सकी और वहां जलभराव हो गया है।
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वन की देखरेख कर रहे कर्मचारी ने बताया कि पानी भरने से पौधों की जड़ें सड़ने लगी हैं। जलभराव के कारण पौधों की जड़ों तक ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है, जिससे छोटे पौधे नष्ट हो रहे हैं। हालांकि, सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि औषधीय वन में पौधों की संख्या कम न हो। डीएफओ सितांशु पांडेय के अनुसार, औषधीय वन की नियमित देखरेख की जा रही है। वहां पानी न जमा हो, इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।
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