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वसीम रिजवी ने कट्टरपंथियों को दी चुनौती, कहा- साबित करें मुस्लिम महिलाओं का सिंदूर लगाना हराम है
Sat, 06 Jul 2019 04:28 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 06 Jul 2019 04:28 PM IST
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शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी।
- फोटो : amar ujala
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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां के सिंदूर और बिंदी लगाने के मामले में उलमा के फतवों पर नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि हर मुस्लिम शादीशुदा महिला को अपने तरह से सजने संवरने का अधिकार है। मुल्ला साबित करें कि सिंदूर व बिंदी लगाना हराम है।
रिजवी ने जारी किए गए एक बयान में कहा कि कोई भी मुस्लिम महिला सिंदूर लगाती है, चूड़ियां पहनती है, मंगलसूत्र पहनती है और बिंदी लगाती है तो यह शरई तौर पर बिल्कुल हराम नहीं है।
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उनका कहना है कि हर मुस्लिम शादीशुदा महिला को अपने तरह से सजने संवरने का अधिकार है। मुल्ला साबित करें कि सिंदूर व बिंदी लगाना हराम है।
रिजवी ने जारी किए गए एक बयान में कहा कि कोई भी मुस्लिम महिला सिंदूर लगाती है, चूड़ियां पहनती है, मंगलसूत्र पहनती है और बिंदी लगाती है तो यह शरई तौर पर बिल्कुल हराम नहीं है।
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हिंदुस्तान में यह तालिबानी मानसिकता का प्रचार
उन्होंने कहा कि दुनियाभर के कट्टरपंथी मुल्लाओं को चैलेंज है कि वे साबित करें कि किस शरई किताब में इसे हराम कहा गया है। चेयरमैन ने कहा कि हिंदुस्तान में यह तालिबानी मानसिकता का प्रचार है। इस तरह का फतवा जारी करने वालों से सख्ती से निपटने की जरूरत है।