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Lucknow News: गोलागंज में जर्जर इमारत की ढही दीवार
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गोलागंज में ढही इमारत।
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लखनऊ। बारिश के बाद बुधवार को गोलागंज में जर्जर इमारत की दीवार गिर गई। गनीमत रही कि हादसे में कोई चोटिल नहीं हुआ। हादसे से आसपास रहने वालों में हड़कंप मच गया। इसके बाद मलबे को हटाया गया।
नगर निगम की जानकारी के अनुसार शहर की ऐसी करीब 200 जर्जर इमारतें खतरा बनी हुई हैं। बारिश में इनके गिरने की आशंका बढ़ जाती है। खास बात है कि इन इमारतों में रहने वाले न तो मरम्मत करवा रहे हैं और न ही कहीं और जा रहे हैं। नगर निगम की ओर से भवनस्वामियों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है कि या तो वे मरम्मत कराएं या इन इमारतों में न रहें।
ज्यादातर इमारतों में किरायेदारी का विवाद
शहर के सबसे पुराने और भीड़ वाले बाजार अमीनाबाद, मौलवीगंज, यहियागंज के अलावा हजरतगंज और चौक में कई इमारतें ढहने की कगार पर हैं। प्रशासन के लिए यह चिंता का सबब हैं। सुबह से लेकर रात तक इन बाजार में हजारों की भीड़ रहती है। ऐसे में यदि कोई इमारतें ढही तो बड़ा हादसा हो सकता है। इन इमारतों में से ज्यादातर में किरायेदारी को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा के मुताबिक जर्जर इमारतों के मालिकों को नगर निगम के जोनल अभियंताओं की ओर से सर्वे कर नोटिस भेजा जा चुका है। इसमें इमारतों की मरम्मत कराने और जर्जर हिस्से को गिराने के लिए कहा गया है। नगर निगम विशेष स्थिति में उसी जर्जर हिस्से को गिरा सकता है, जो सड़क की ओर होता है और जिसके गिरने से नागरिकों के जान-माल का नुकसान होने का खतरा रहता है। ज्यादातर जगहों पर कानूनी विवाद से मरम्मत न होने के मामले जानकारी में आते हैं।
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नगर निगम की जानकारी के अनुसार शहर की ऐसी करीब 200 जर्जर इमारतें खतरा बनी हुई हैं। बारिश में इनके गिरने की आशंका बढ़ जाती है। खास बात है कि इन इमारतों में रहने वाले न तो मरम्मत करवा रहे हैं और न ही कहीं और जा रहे हैं। नगर निगम की ओर से भवनस्वामियों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है कि या तो वे मरम्मत कराएं या इन इमारतों में न रहें।
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ज्यादातर इमारतों में किरायेदारी का विवाद
शहर के सबसे पुराने और भीड़ वाले बाजार अमीनाबाद, मौलवीगंज, यहियागंज के अलावा हजरतगंज और चौक में कई इमारतें ढहने की कगार पर हैं। प्रशासन के लिए यह चिंता का सबब हैं। सुबह से लेकर रात तक इन बाजार में हजारों की भीड़ रहती है। ऐसे में यदि कोई इमारतें ढही तो बड़ा हादसा हो सकता है। इन इमारतों में से ज्यादातर में किरायेदारी को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है।
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नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा के मुताबिक जर्जर इमारतों के मालिकों को नगर निगम के जोनल अभियंताओं की ओर से सर्वे कर नोटिस भेजा जा चुका है। इसमें इमारतों की मरम्मत कराने और जर्जर हिस्से को गिराने के लिए कहा गया है। नगर निगम विशेष स्थिति में उसी जर्जर हिस्से को गिरा सकता है, जो सड़क की ओर होता है और जिसके गिरने से नागरिकों के जान-माल का नुकसान होने का खतरा रहता है। ज्यादातर जगहों पर कानूनी विवाद से मरम्मत न होने के मामले जानकारी में आते हैं।

गोलागंज में ढही इमारत।