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विवेक हत्याकांड का आरोपी 96 दिन बाद रिहा, बोला- 30 सेकेंड में हो गई घटना पता ही नहीं चला

Fri, 04 Jan 2019 12:56 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 04 Jan 2019 12:56 PM IST
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vivek tiwari murder case accused sandeep released from jail
- फोटो : डेमो
ऐप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में 96 दिनों बाद आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बृहस्पतिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। संदीप के पिता सत्येंद्र सिंह बोले कि मुझे ईश्वर पर पूरा भरोसा था कि बेटा निर्दोष साबित होगा।
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संदीप ने कहा कि वह अधिकारियों से मिलकर एक हल्के में एक ही सिपाही की ड्यूटी लगाये जाने की मांग करेगा। ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न उठानी पड़े। इस घटना में उसका दोष सिर्फ इतना था कि ड्यूटी लगने पर वह प्रशांत के साथ बाइक पर पीछे बैठ कर गश्त कर रहा था। तीस सेकंड में घटना हो गई जो वह समझ ही नहीं पाया।
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जेल से छूटने के बाद संदीप ने बताया कि 2016 में नौकरी में आने के बाद उसकी तैनाती गोमतीनगर में हुई थी। अधिकारियों से आग्रह कर वह रेलवे ट्रैक की ड्यूटी करने लगा। रात 12 बजे से लेकर सुबह पांच बजे ड्यूटी कर दिन में पढ़ाई करता था।
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उसने उपनिरीक्षक की परीक्षा पास कर इंटरव्यू दिया था। संदीप ने कहा कि जब उसने चश्मदीद गवाह सना को डंडा मारा तो उसे विवेक की हत्या में जेल क्यों? इसी तरह के कई सवाल उसके मन में उठ रहे थे। संदीप ने पूरे प्रकरण में अपनी किस्मत को दोषी ठहराया।
 

169 में रिहा होने की थी उम्मीद 

vivek tiwari murder case accused sandeep released from jail
डेमो
उसने कहा कि वह पहले बागपत के बडौत स्थित अपने घर जाएगा। दो छोटे भाइयों व हार्ट पेशेंट मां के साथ समय बिताएगा। मानसिक तनाव दूर कर अपने अधिकारियों से मिलकर पक्ष रखेगा। विभाग के मुखिया से मिलकर ऐसी किसी घटना में दूसरे की भूमिका की सघन जांच के बाद ही ठोस कार्रवाई किए जाने की माग करेगा।

संदीप ने कहा कि जांच में उसे विवेक की हत्या में क्लीन चिट मिली। जिस पर उम्मीद थी कि उसे 169 के तहत रिहा किया जाएगा। लेकिन जांच में उस पर चश्मदीद गवाह सना को डंडा मारने का आरोपी बनाया गया है। उसने अधिकारियों पर भरोसा जताया। इसके बाद वह अपने पिता, छोटे भाई योगेंद्र व मित्रों के साथ घर चला गया। 
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