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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Vivek Oberoi speaks over intolerance.

'भारत सहिष्णुता की मिसाल, लोग आमिर की बात नहीं समझे'

Sat, 05 Dec 2015 05:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 05 Dec 2015 05:27 AM IST
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Vivek Oberoi speaks over intolerance.

मेरा मानना है कि हमारा देश तो सहिष्णुता की मिसाल है। चाहे वह लखनऊ की तहजीब हो या देश की संस्कृति। हम तो सहिष्णुता का पर्याय हैं।

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आमिर के बयान पर उन्होंने कहा कि असल में लोग आमिर की बात सही ढंग से समझे नहीं। शुक्रवार को शहर पहुंचे बॉलीवुड स्टार विवेक ओबराय ने असहिष्णुता व फिल्म अभिनेता आमिर खान के बयान पर अपनी राय दी।

उन्होंने कहा, विदेशों में जब धर्म के नाम पर कत्लेआम हो रहा था, कौमें लगातार साफ हो रही थीं, तब हम उसी संस्कृति से इमारतें तैयार करवा रहे थे, तहजीब समेट रहे थे। कोई कहे कि बॉलीवुड उस बात के बाद से दो धड़ों में बंट गया तो में कहता हूं कि ये उनका सोचना है, मैं ऐसा नहीं सोचता।
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मैं कहीं भी जाता हूं मेरे साथ स्ट्रिप सर्च नहीं होता, कोई यहां आता है तो उसके साथ भी ऐसा नहीं होता। सबके सोचने का अलग-अलग नजरिया है। यहां जैसी आजादी कहीं नहीं मिल सकती।
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टीचर के टिफिन में रख दिया ‌था कॉकरोच

Vivek Oberoi speaks over intolerance.

टीवी शो इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज-2 के प्रमोशन के लिए शहर आए विवेक ने अपने बचपन के बारे में बताया कि जैसे हर बच्चा शरारती होता है, मैं भी था। जबर्दस्त एनर्जी, ओवरएक्टिव चाइल्ड।

आजकल के बच्चों से भी दो कदम आगे। बच्चे तो अपने क्लासमेट्स के टिफिन चुराकर खाते हैं, लेकिन मैं तो उनसे भी कहीं आगे था। जो टीचर्स बोर करते थे, उनके टिफिन चुराकर खा जाता था और वापस सब कुछ वैसे का वैसा ही रख देता। एक बार तो हद ही कर दी मैंने।

एक टीचर का टिफिन खाने के बाद उसमें चुपचाप एक कॉकरोच रख दिया। लंचटाइम में जब टीचर ने टिफिन बाक्स खोला तो पूरे स्टाफरूम में भूचाल सा आ गया। सब के टिफिन इधर-उधर गिर गए। उसके बाद सब मुझे ही खोज रहे थे, क्योंकि वे जानते थे यह मेरा ही काम होगा। फिर तो प्रिंसिपल रूम में जाकर जो मेरी खैर-खबर ली गई, वो आज भी अमेजिंग।

विवेक ने बताया कि उनकी 50 परसेंट ड्रामेबाजी तो उनकी मां ने ही देखी थी। अपनी ड्रामेबाजी के चलते वह  जब चाहे स्कूल से छुट्टी मार देते थे।

यूपी में फिल्म पालिसी सुधरी

Vivek Oberoi speaks over intolerance.

विवेक का कहना है कि जब से उनकी सीएम अखिलेश से मुलाकात हुई है, बात हुई है। तब से यूपी की फिल्म पालिसी बहुत सुधरी है। लोग अचानक यहां शूट करने लगे हैं, कई लोकेशन बॉलीवुड को यहीं से मिली हैं।

मुझे पता चला कि कई मूवी यहां टैक्स फ्री हो रही हैं तो अब प्रोड्यूसर भी यहीं भाग रहे हैं। ओंकारा फिल्म को भी यहां शूट किया गया था। फिलहाल मैं भी यहां जल्द कुछ शूट करने की सोच रहा हूं, हालांकि सही प्लॉट नहीं मिल रहा है।

अगर किया तो ठेठ लखनऊवा या कनपुरिया किरदार निभाऊंगा। भले ही हफ्ते-दस दिन यहीं रहना पड़े। अभी तो अगले साल यशराज बैनर की बैंकचोर और ग्रैंड मस्ती-3 रिलीज होनी है।

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