यूपी में फिर राम मंदिर मुद्दा गरमाने की तैयारी, विहिप की बैठक में मंदिर, गाय और आबादी होगा एजेंडा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हिंदुत्व का मुद्दा प्रदेश में फिर गरमाने वाला है। इसकी जमीन भी तैयार हो गई है। विश्व हिंदू परिषद के सर्वोच्च फोरम मार्गदर्शक मंडल की 19 व 20 जून को हरिद्वार में बैठक होने वाली है, जिसके एजेंडे में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के साथ गाय व गंगा की सुरक्षा, आबादी असंतुलन और सामाजिक समरसता के मुद्दे शामिल हैं।
उससे पहले 15 जून को अयोध्या में हो रहे संत सम्मेलन और 16 को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के वहां के दौरे में भी हिंदुत्व से जुड़े विषयों के साथ मंदिर निर्माण का मुद्दा भी निश्चित रूप से उठने की उम्मीद है।
अयोध्या का संत सम्मेलन वैसे तो श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह के समापन के मौके पर हो रहा है। लेकिन, जिस तरह संतों की तरफ से मांग की जा रही है उसके चलते इसमें मंदिर निर्माण का मुद्दा उठने के साफ संकेत मिल रहे हैं।
सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल भी मौजूद रहने वाले हैं। इसी के अगले दिन उद्धव ठाकरे भी अपने नवनिर्वाचित 18 सांसदों के साथ अयोध्या जा रहे हैं। जाहिर है कि ठाकरे इस दौरे के माध्यम से भी कहीं न कहीं मंदिर मुद्दे को ही धार देंगे।
राम मंदिर मुद्दे को लेकर अनिश्चितकाल के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता
हरिद्वार के अखंड परमधाम में होने वाली बैठक में देश भर के लगभग 250 हिंदू संत और महात्मा हिस्सा लेंगे। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार पिछले दिनों कह चुके हैं कि राम मंदिर निर्माण को लेकर अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे को टाला न जाए।
हिंदुओं को भगवान राम के स्थान पर उनके मंदिर के अलावा और कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। जाहिर है कि हरिद्वार की बैठक में संतों के एजेंडे में यह मुद्दा प्रमुखता से रहेगा।
इन कारणों से भी धार
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा बताते हैं कि बैठक में सामाजिक समरसता और आबादी असंतुलन पर भी विशेषतौर से बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि तमाम विघटनकारी ताकतें हिंदुओं को जातियों में बांटकर उनकी ताकत को कमजोर कर रही हैं। विहिप हिंदू समाज को जातियों की खेमेबाजी से निकालकर हिंदू विरोधी ताकतों को जवाब देगी।
जातियों को समाप्त तो नहीं किया जा सकता, लेकिन विहिप का प्रयास इन सबके बीच मधुर भाव पैदा करने की है। इसी के साथ आबादी असंतुलन पर सरकार से कारगर नीति बनाने की मांग भी इस बैठक के माध्यम से की जाएगी।
शर्मा की बातों से साफ है कि हरिद्वार बैठक के जरिये भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जमीन बनाने की तैयारी है। ये मुद्दे भाजपा की सियासी लड़ाई को 80 बनाम 20, अर्थात संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट करने और समान नागरिक संहिता लागू करने का माहौल बनाने की कोशिश का हिस्सा नजर आते हैं।