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Vinay Srivastava Murder: ...आखिर सच और सबूत सामने क्यों नहीं रख रही पुलिस? खुलासे के बाद भी तमाम सवाल अनसुलझे

Wed, 06 Sep 2023 11:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 06 Sep 2023 11:30 AM IST
सार

Vinay Srivastava Lucknow: भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव हत्याकांड में ऐसे में तमाम सवाल अनसुलझे रह गए। जो दावे किए उससे संबंधित पुख्ता सुबूत सामने न रखने की वजह से ऐसा अंदेशा है कि कुछ तो ऐसा है जो छिपाया जा रहा? पुलिस अफसर भी बोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं।

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Vinay Srivastava Murder case Why is police not presenting truth and evidence
Vinay Srivastava Murder case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव हत्याकांड का खुलासा भले ही पुलिस कर चुकी है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज आने के बाद मामला उलझ गया है। परिजन भी पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। वह पहले दिन से पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 
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सवाल है कि ....आखिर सच और सुबूतों को पुलिस सामने क्यों नहीं रख रही है। आधे-अधूरे साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। मंत्री का आवास सीसीटीवी कैमरों से लैस है। उस कमरे का कैमरा बंद था जिसमें विनय को गोली मारी गई। बाकी कैमरे चल रहे थे। 
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कुछ फुटेज भी सामने आए हैं। पुलिस ने खुलासा करने के दौरान दावा किया था कि तीन आरोपी वारदात में शामिल थे, जबकि उनके दो परिचित सौरभ रावत और अरुण प्रताप सिंह बंटी वारदात से पहले ही चले गए थे। 
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अब सवाल है कि आखिर ये दावा सही है तो पुलिस ने सुबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज सामने क्यों नहीं रखे? अगर फुटेज सामने होते तो पीड़ित परिवार भी खुलासे पर यकीन करता और सवाल न खड़े होते?

इसलिए अंदेशा, कुछ तो है जो छिपाया जा रहा
पुलिस ने आनन फानन वारदात का खुलासा किया था। ऐसे में तमाम सवाल अनसुलझे रह गए। जो दावे किए उससे संबंधित पुख्ता सुबूत सामने न रखने की वजह से ऐसा अंदेशा है कि कुछ तो ऐसा है जो छिपाया जा रहा? पुलिस अफसर भी बोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
 

विनय-बंटी के नाम एग्रीमेंट, रजिस्ट्री किसी और के नाम
6500 स्क्वायर फीट की जिस जमीन के बारे में विवाद का मामला सामने आया था ,उसमें एक नया खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक जिस जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट विनय और अरुण प्रताप सिंह उर्फ बंटी के नाम पर है, उस जमीन की रजिस्ट्री नक्खास के रहने वाले एक शख्स के नाम पर है। इन दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। कुछ वक्त पहले विवाद थाने तक पहुंचा था। तब पुलिस ने जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने की बात कही थी।

केंद्रीय मंत्री के घर कत्ल
केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के राजधानी के ठाकुरगंज स्थित आवास पर बृहस्पतिवार रात उनके बेटे विकास किशोर की लाइसेंसी पिस्टल से भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। शुक्रवार देर शाम पुलिस ने कार्यकर्ता के तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर दावा किया कि नशेबाजी के बाद जुआ खेलने के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया।

 

कौशल किशोर का बेटा विकास किशोर भाजपा में अनुसूचित मोर्चा में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष है। विकास के साथ फरीदीपुर निवासी विनय श्रीवास्तव (24) पिछले आठ साल से रह रहा था। वह बतौर भाजपा कार्यकर्ता काम करता था। 

 

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (जेसीपी) क्राइम आकाश कुलहरि के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात मंत्री के ठाकुरगंज के बेगरिया रोड वाले नए आवास पर विनय अपने दोस्तों अंकित वर्मा, अजय रावत, शमीम वर्मा, सौरभ रावत व अरुण प्रताप सिंह के साथ था। देर रात तक सभी ने शराब पी और जुआ खेला। 

 

इस दौरान विनय से अंकित ने 12 हजार रुपये जीत लिए। उसके बाद सौरभ व अरुण वहां से चले गए। अंकित व अन्य दोनों ने जुआ खेलने से मना कर दिया। इस पर विनय भड़क गया और उन पर जुआ खेलने का दबाव बनाने लगा। जब वे नहीं माने तो दोस्तों में विवाद होने लगा। मारपीट भी हुई। इसी दौरान अंकित ने घर में रखी विकास की पिस्टल से विनय के माथे पर गोली मार दी। मौके पर ही विनय की मौत हो गई। 
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