अमिताभ ठाकुर घर विजिलेंस छापा, भागे अधिकारी
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आय से अधिक संपत्ति के आरोप में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मंगलवार को निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर के आवास पर छापा मार कर चार घंटे तक पड़ताल की।
छापामारी की यह कार्रवाई अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद की गई। छापा समाप्त करने के बाद विजिलेंस टीम ने बगैर सर्च लिस्ट दिए वहां से जाने की कोशिश की जिस पर जमकर हंगामा हुआ।
अमिताभ ठाकुर ने विजिलेंस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इशारे पर किए जाने का आरोप लगाया। लगभग 40 सदस्यीय टीम विजिलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया को नेतृत्व में मंगलवार सुबह करीब सवा नौ बजे अमिताभ ठाकुर के विरामखंड स्थित आवास पहुंची।
यहां टीम के सदस्यों की अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी अधिवक्ता नूतन ठाकुर से खासी बहस हुई। अमिताभ ठाकुर का कहना था कि उन्हें अदालत में तारीख पर पहुंचना है लिहाजा सर्च कुछ देर बाद की जाए जबकि टीम के सदस्यों का कहना था कि वे अदालत से सर्च वारंट लेकर आए हैं और सर्च होने से पहले घर से कोई बाहर नहीं जा सकेगा।
बहस के बाद शुरू हुई कार्रवाई
लगभग आधा घंटे की बहस के बाद छापे की कार्रवाई शुरू हुई। जांच शुरू होने से पहले सतर्कता विभाग की टीम ने अमिताभ ठाकुर को घर से बाहर कर दिया और महिला पुलिसकर्मियों के साथ उनकी पत्नी नूतन ठाकुर को अंदर बुलाकर छानबीन शुरू की।
लगभग एक घंटे बाद ही अमिताभ ठाकुर को घर के अंदर घुसने की अनुमति दी गई। इस बीच विजिलेंस की टीम ने यहां हर सामान देखा और उसकी सूची तैयार की।
पर नूतन ठाकुर का कहना था कि टीम ने सिर्फ कुछ ही सामान देखा और जब उन्होंने लॉकर, बक्से व अलमारी दिखाने को कहा पर टीम ने नहीं देखा। जबकि अमिताभ ठाकुर का कहना था कि छापामारी करने आई टीम ने उनके घर के फर्नीचर व अन्य सामान को देखा और उसकी सूची बनाई। बोले कि टीम ने मेरी कपड़ों से लेकर घर में रखा आटा, दाल व चावल यहां तक कि दही तक की सूची बनाई है।
एसडीएम, तहसीलदार और गोमतीनगर पुलिस लेकर छापा मारने पहुंची टीम किसी को घर में आने-जाने से रोक रही थी। पर अमिताभ ठाकुर बीच-बीच में बाहर आकर मीडिया कर्मियों से बात करते रहे।
होती रही झड़प
इसे लेकर उनकी कई बार पुलिसकर्मियों का नेतृत्व कर रहे सीओ गाजीपुर दिनेश पुरी से झड़प भी हुई। ऐसे ही एक मौके पर उन्होंने कहा कि सतर्कता विभाग के निदेशक भानु प्रताप सिंह और अन्य अधिकारी - कर्मचारी मुख्यमंत्री के गुर्गे हैं।
सरकार उनके पीछे पड़ी हुई है पर उनकी आस्था अदालत में है। उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत की, जिसके कारण उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश के तहत जांच के नाम पर उत्पीड़न करा जा रहा है।
कहा कि वे जानते हैं कि अगला कदम उन्हें गिरफ्तार करने का होगा। इसके लिए वे तैयार हैं। जमानत पर छूटने के बाद वे अपने लिए न्याय की मांग करेंगे।
उधर, विजिलेंस टीम के डीएसपी रामलखन सरोज ने खबरनवीसों को बताया कि छापामारी में कोई दस्तावेज या सामान जब्त नहीं किया गया है। जो छानबीन की गई, उसकी रिपोर्ट बनाई गई है। विजिलेंस के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह और प्रमोद खरे दोनों ने ही माना कि छापामारी में कोई आपत्ति जनक तथ्य अथवा वस्तु सामने नहीं आई है।
घर छोड़ भागी विजिलेंस की टीम
सुबह नौ बजे के करीब मौके पर पहुंची विजिलेंस टीम की जांच एक बजे समाप्त हो गई थी। इसके बाद सूची तैयार कर टीम ने वहां से जाने की कोशिश की। इस पर अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी ने टीम के सदस्यों से उन्हें भी तैयार सूची की प्रति देने की मांग की।
टीम के सदस्य सूची देने में आनाकानी करते रहे और मौका देखकर वहां से भागने की कोशिश की। विजिलेंस के इंस्पेक्टर प्रमोद खरे को भागते देख मीडियाकर्मी और अमिताभ ठाकुर भी उनके पीछे दौड़े। इस भागदौड़ को देखकर मोहल्ले के लोग अपने घरों से बाहर आकर तमाशा देखने लगे।
जब विजिलेंस टीम ने उन्हें सूची नहीं सौंपी तो कुछ देर के लिए अमिताभ ठाकुर आवेश में आए। कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं विजिलेंस वाले चोरों जैसा व्यवहार कर रहे है। उन्होंने इस मौके पर वहां खड़े विजिलेंस के एक अन्य इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह को आड़े हाथ लिया।
इस मौके पर अमिताभ ठाकुर की पत्नी ने गोमतीनगर के थानाध्यक्ष श्यामबाबू शुक्ला से विजिलेंस के आईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा। उनका आरोप था कि लिस्ट मांगते समय आईओ ने उनका हाथ पकड़ा और धक्का मुक्की की।
अमिताभ ठाकुर ने अपने आवास में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने उनके यहां जो भी कार्रवाई की, उसका सीसीटीवी फुटेज वे समय आने पर अदालत के समक्ष रखेंगे।