लव जिहाद: धर्म छिपा प्रेमजाल में फंसाया, बंधक बना किया दुराचार, पढ़वाया निकाह
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इसके बाद दोस्त के घर ले जाकर दो दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। बाद में वह मौलवी और परिवार की बुर्कानशीं महिलाओं को लेकर घर आया और निकाह पढ़वा लिया। छह साल तक वह उसका शोषण करता रहा और उससे छिपाकर दूसरा निकाह भी कर लिया।
पीड़िता ने बताया कि वह मूलरूप से सीतापुर की रहने वाली है। उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपने आठ साल के बेटे के साथ किराये के मकान में रहती है और पेट पालने के लिए दूसरों के घरों में काम करती है। वर्ष 2014 में वजीरगंज के गोलागंज में हैदर मिर्जा रोड निवासी सैजी अब्बास ने कहीं से उसका मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया।
सैजी ने अपना नाम पहले अर्जुन और फिर मनोज बताया था। वह अक्सर बाइक से उसका पीछा करता और मिलने के लिए बुलाता। एक दिन वह उसे अपने साथ बुद्धेश्वर के पास रहने वाले दोस्त के घर ले गया और दुष्कर्म किया। पीड़िता रोने लगी तो उसने मांग में सिंदूर भरकर हमेशा साथ रहने का वादा किया।
बेरहमी से करता पिटाई
पीड़िता ने निकाह के लिए मना कर दिया। इस पर उसके परिवार की महिलाओं ने बदनामी कराने की धमकी दी। मजबूरी का फायदा उठाकर उसने निकाह पढ़वा लिया। हालांकि, निकाहनामे में दस्तखत नहीं किए। इसके बाद सैजी उससे पति की तरह संबंध बनाता रहा। इसके बाद जरा-जरा सी बात पर वह उसकी आए दिन बेरहमी से पिटाई करने लगा।
दो बार कराया गर्भपात
सलाम सुनकर होता था शक
पीड़िता का कहना है कि वह जब भी सैजी उर्फ अर्जुन उर्फ मनोज से फोन पर बात करती थी तो पीछे से कोई न कोई सलाम कहता था। इस पर वह चौंक जाती थी। सैजी से पूछती कि सलाम क्यों बोल रहा है। क्या तुम मुसलमान हो। इस पर सैजी साफ मना कर देता था। वह कहता था कि टेंट हाउस के ऑफिस में हर तरह के लोग आते-जाते हैं। कोई पीछे से क्या बोल रहा है? इस पर ध्यान न दिया करो।