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रोकी गई परिक्रमा, तो राम-नाम जपेंगे साधु-संत

Thu, 22 Aug 2013 02:37 PM IST
लखनऊ/अखिलेश बाजपेयी
लखनऊ/अखिलेश बाजपेयी Updated Thu, 22 Aug 2013 02:37 PM IST
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vhp to use raam name as shield against sp government

अयोध्या से 25 अगस्त को शुरू हो रही संतों की 84 कोसी परिक्रमा पर रोक के खिलाफ विहिप भी दो-दो हाथ की तैयारी में जुट गई है।

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पूरे परिक्रमा मार्ग पर यात्रा के पड़ाव वाले स्थानों के आस-पास के गांवों में संपर्क शुरू कर दिया गया है।

विहिप और संतों की तरफ से पहले ही ऐलान किया जा चुका है कि प्रतिबंध के बावजूद वे श्रीराम नाम का संकीर्तन करते हुए 84 कोस की परिक्रमा पर निकलेंगे। संतों को रोका जाएगा तो वे वहीं बैठकर राम नाम की कीर्तन करने लगेंगे।

इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी बदली परिस्थितियों के मद्देनजर अयोध्या के आसपास के जिलों में कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क शुरू कर दिया है, जिससे किसी विशेष स्थिति में संतों के सहयोग के लिए लोगों से आह्वान किया जा सके।
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परिक्रमा पर सरकार के सख्त तेवर दिखाने के बावजूद विहिप व संत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परिक्रमा शुरू करने पर अड़े हुए हैं। विहिप के महामंत्री चंपत राय व मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज अयोध्या कारसेवकपुरम में ही जमे हुए हैं।
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वे सभी जिलों के प्रमुख लोगों से संपर्क कर रहे हैं। यात्रा के सिलसिले में विहिप के कार्यकर्ताओं का जनसंपर्क भी चल रहा है। विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल अपने छोटे भाई की मृत्यु के चलते अयोध्या में नहीं हैं।

पर बताया जाता है कि बाहर होने के बावजूद वे लगातार अयोध्या के संतों व विहिप के स्थानीय पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। अगर कोई विशेष परिस्थिति न आई तो वे 24 अगस्त को वहां पहुंचने वाले हैं। इससे पहले दिल्ली में भी इस सिलसिले में विहिप की बैठक हो सकती है।

20 दिन की यात्रा में 40 पड़ाव
संतों की 84 कोसी परिक्रमा 25 अगस्त को अयोध्या से शुरू होकर 13 सितंबर को अयोध्या में ही समाप्त होगी। यात्रा के दौरान 40 पड़ाव होंगे। अलग-अलग दिन अलग-अलग संत इस यात्रा में शामिल होंगे।

यह यात्रा भजन-कीर्तन करते हुए चलेगी। जगह-जगह गोष्ठियां करके लोगों को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर न्यायालय के फैसले और राजनीतिक दलों की भूमिका की जानकारी दी जाएगी।

परिक्रमा पूरी होने तक कीर्तन जारी रहेगा
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का कहना है कि संतों की परिक्रमा कोई नई परंपरा नहीं है। यह परिक्रमा हर साल होती रही है। इसलिए सरकार के रुख की चिंता किए बगैर संत परिक्रमा पर निकलेंगे। अगर कहीं उन्हें रोका जाता है तो उसी स्थान पर श्रीराम नाम का कीर्तन करते हुए बैठ जाएंगे।

जब तक संतों को परिक्रमा पूरी नहीं करने दी जाएगी, तब तक यह कीर्तन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संतों और विहिप को उम्मीद है कि सरकार संतों के सम्मान से कोई खिलवाड़ नहीं करेगी।

अगर सरकार हठधर्मिता पर उतरती है और संतों के सम्मान से कोई खिलवाड़ होता है, तो विहिप भी संतों के सम्मान की रक्षा को जवाब देने को मजबूर होगी।

वीएचपी की यात्रा को मंजूरी देनी चाहिए: वेंकैया
भाजपा के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को एहतियातन उपाय के साथ विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की प्रस्तावित यात्रा को मंजूरी देनी चाहिए।

वरिष्ठ नेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘देखो वीएचपी क्या करने जा रही है, यह लोकतांत्रिक देश है। यात्रा को मंजूरी दी जानी चाहिए। एहतियातन कदम उठाए जा सकते हैं। वीएचपी को आवश्यक निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

देश में बहुत सारी यात्राएं होती हैं। आप किसी एक यात्रा को ही कैसे रोक सकते हैं?’ वेंकैया से यूपी सरकार द्वारा यात्रा को अनुमति नहीं दिए जाने के संबंध में पूछा गया था।


वीएचपी ने 25 अगस्त से 13 सितंबर तक चौरासी कोसी यात्रा प्रस्तावित की है। खाद्य सुरक्षा बिल को नायडू ने कांग्रेस के लिए वोट सुरक्षित करने का एक चुनावी हथकंडा बताया।

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