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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का मामला, चूक परिवहन मंत्रालय की, भुगतेंगे वाहन मालिक

Mon, 19 Oct 2020 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2020 01:54 AM IST
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Vehicle owners will suffer due to mistake of ministry of transportation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में एक लाख से अधिक पुराने (एक अप्रैल 2019 से पूर्व पंजीकृत) व्यावसायिक वाहनों के मालिक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के नाम पर लुटेंगे। वाहन मालिकों को यह खामियाजा परिवहन मंत्रालय की मामूली चूक के कारण भुगतना होगा। परिवहन मंत्रालय ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का आदेश तो जारी किया, लेकिन किस वाहन को कितनी फीस देनी होगी, इसका सर्कुलर में कोई उल्लेख नहीं किया।
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पुराने वाहनों पर लगने वाली नंबर प्लेट की कीमत वाहन निर्माता कंपनी तय करेगी। इस फीस की जानकारी वाहन मालिकों को तब होगी, जब वे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए संबंधित एप पर आवेदन करेंगे। 15 अक्तूबर से पुराने व्यावसायिक वाहनों का फिटनेस बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नहीं होगा।
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ऑटो ऑपरेटर के नेता किशोर वर्मा पहलवान ने बताया कि वाहन मालिकों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर मारामारी मच गई है। इसे भांपकर डीलर से सांठगांठ रखने वाले कुछ बड़े दलालों के सिंडिकेट ने खुद ही ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा की नंबर प्लेट की फीस 1000 रुपये और ट्रक, बस, कैंटर सहित अन्य मिनी ट्रक की फीस 1800 रुपये तय कर दी। ऑटो-टेंपो, ई-रिक्शा टिकट की नंबर प्लेट की फीस 306 और ट्रक सहित अन्य वाहनों की 900 रुपये है।
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लगाए जाएं नंबर प्लेट के रेट

परिवहन ट्रस्ट के संस्थापक जगदीश गुप्ता ने परिवहन आयुक्त से मांग की है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की फीस की सूची आरटीओ कार्यालय में लगाई जाए। वहीं, लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज दीक्षित ने बताया कि आरटीओ को मालूम ही नहीं है कि किस वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की कितनी फीस है। मुख्यालय की उदासीनता से आरटीओ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर मनमानी वसूली के लिए दलालों की दुकानें सज गई हैं। 

दोबारा नहीं देनी पड़ेगी फिटनेस फीस
संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि जो आवेदक टाइम स्लॉट लेकर व्यावसायिक वाहन की फिटनेस तय तारीख पर नहीं करा पाएंगे तो फीस अगले फिटनेस के लिए समायोजित कर दी जाएगी।

एक नजर में

1 अप्रैल से पहले  पंजीकृत लखनऊ जोन के कॉमर्शियल वाहन  1,13,600                
हल्के भार वाहन: 40000
कार टैक्सी: 31000
ट्रक: 1400
ई-रिक्शा: 22,000
ऑटो-टेंपो: 6600

पुराने व्यवसायिक वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के रेट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने तय किए हैं। यह नंबर प्लेट कंपनियों के डीलर्स के द्वारा लगाई जाएंगी। आवेदक एप पर आवेदन करेंगे तो संबंधित वाहन की फीस डिस्प्ले हो जाती है। - आरपी द्विवेदी, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन 
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