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रेलवे ठेकेदार की हत्या का आरोपी मुठभेड़ में घायल, पैर में लगी गोली

Tue, 19 Jul 2022 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2022 02:06 AM IST
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veerendra thakur murder case , one arrested after encounter
लखनऊ। रेलवे ठेकेदार और बिहार के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की हत्या में मास्टरमाइंड कमलेश जायसवाल उर्फ बिट्टू जायसवाल की सोमवार को पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस का दावा है कि दोनों ओर से हुई फायरिंग में बिट्टू के दाहिने पैर में गोली लगी है। उसे सिविल अस्पताल भेजा गया है। इस दौरान उसका एक साथी भाग निकला जिसकी तलाश की जा रही है।
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डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह के मुताबिक, 25 जून को कैंट के निलमथा इलाके में रहने वाले रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ठेकेदार की दूसरी पत्नी खुशबुनतारा ने वीरेंद्र ठाकुर की पहली पत्नी प्रियंका, उसके प्रेमी कमलेश जायसवाल उर्फ बिट्टू और खुशबुनतारा के रिश्तेदार फिरदौस पर केस दर्ज कराया था। वीरेंद्र को गोली मारने वाले शूटरों के साथ फिरदौस भी शामिल था। पुलिस इन तीनों के अलावा चार शूटरों की तलाश कर रही थी। डीसीपी पूर्वी ने बताया, सोमवार दोपहर सूचना मिली कि कमलेश जायसवाल उर्फ बिट्टू लखनऊ के कैंट इलाके में किसी से मिलने जा रहा है।
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पुलिस टीम ने उसकी लोकेशन निकाली तो दिलकुशा गार्डेन के पास मिली। इसके बाद कैंट इंस्पेक्टर शिवचरण लाल, आशियाना केडॉ. धर्मेंद्र यादव और क्राइम ब्रांच के एसआई रजनीश वर्मा की टीम ने चेकिंग शुरू की। पुलिस टीम दिलकुशां गार्डेन के सामने वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच बाइक सवार दो युवक आते दिखे। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो बैरिकेडिंग तोड़कर पिपराघाट की तरफ भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो पिपराघाट अंडरपास के पास बदमाश ने फायरिंग कर दी। पुलिस टीम की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के दाहिने पैर पर गोली लगी जबकि दूसरा भाग गया। पुलिस के अनुसार, घायल बदमाश कमलेश जायसवाल उर्फ बिट्टू जायसवाल है। घायल बिट्टू को सिविल अस्पताल भेजा गया है। वह बिहार के पश्चिमी चंपारण के बगहा हनुमानगढ़ी वार्ड नंबर 23 का रहने वाला है। डीसीपी पूर्वी के मुताबिक, कमलेश पर लखनऊ कमिश्नरेट ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसकेपास से एक तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बिहार के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
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बिट्टू ने दी थी सुपारी, नेपाल में मिले थे तीनाें मुख्य आरोपी
लखनऊ। रेलवे ठेकेदार व बिहार के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र ठाकुर की हत्या की सुपारी बिट्टू ने दी थी। उसी ने अपनी प्रेमिका व ठेकेदार वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची जिसमें फिरदौस को शामिल किया। फिरदौस को सुपारी देते समय कहा कि अगर उसकी हत्या जल्द नहीं की तो वह उसे ही मरवा देगा। यह बात पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए साजिशकर्ता बिट्टू ने पूछताछ में कुबूली है। वारदात के बाद तीनों अलग-अलग रास्ते से नेपाल पहुंचे थे जहां प्रियंका, बिट्टू और फिरदौस की मुलाकात हुई। वहीं रुपये का लेनदेन भी हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में बिट्टू ने कुबूल किया कि उसका प्रियंका से काफी लंबे समय से प्रेम संबंध था। उसे लेकर नरकटियागंज से वह भागा भी था। दोनों अलग जाति के होने के कारण स्थानीय लोगों का विरोध होने लगा। इस वजह से वह काफी दिनों तक लखनऊ में वीरेंद्र ठाकुर की शरण में रहा। जब बिट्टू घर वालों को मनाने बिहार गया तो इसी दौरान वीरेंद्र ठाकुर ने प्रियंका से जबरदस्ती शादी कर ली। वापस आने पर उसे लखनऊ से भगा दिया था। यह बात उसे नागवार गुजरी, वह समय का इंतजार करने लगा। इसी बीच वीरेंद्र व फिरदौस में नजदीकी बढ़ी। दोनों ने रेलवे के ठेके भी हासिल किए। लेकिन वीरेंद्र ठाकुर ने करीब चार साल पहले फिरदौस की रिश्तेदार खुशबुनतारा को अपने प्रेमजाल में फंसाकर पत्नी बना लिया। जुलाई 2019 में वीरेंद्र पर साजिश के तहत चारबाग स्टेशन पर हमला किया जिसमें वह दिव्यांग हो गया।

तीन शूटरों को लेकर फिरदौस घुसा था घर में
पुलिस के मुताबिक, 25 जून को जब वीरेंद्र की हत्या करने शूटर पहुंचे तो उनके साथ फिरदौस भी था। फिरदौस तीन शूटरों को लेकर वीरेंद्र के घर में घुसा था। उसके साथ तीन शूटरों में एक की पहचान हो गई है जो बिहार का आसिफ है। इस बात की पुष्टि भी बिट्टू ने ही की है। जबकि दो के बारे में पूछताछ की जा रही है। चारों ने मिलकर वीरेंद्र ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दो दिन लखनऊ में ही रहे। वारदात के छठवें दिन फिरदौस, प्रियंका और बिट्टू तीनों नेपाल गए और दो दिन रुके। बिट्टू ने बताया कि वह खुद को बचाने के लिए भागदौड़ कर रहा था। इस दौरान प्रियंका और फिरदौस दोनों साथ ही हैं। दोनों बिहार में हैं। फिरदौस का नेटवर्क इतना मजबूत है कि बिहार के नरकटियागंज व गोपालगंज की सीमा पर लखनऊ पुलिस की गाड़ी दिख जाती तो उसे सूचना मिल जाती थी और वह नेपाल की सीमा में प्रवेश कर जाता था।
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