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वैट के बकायेदार व्यापारी भी कर रहे जीएसटी रिफंड का दावा

Sun, 27 Dec 2020 07:02 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 27 Dec 2020 07:02 PM IST
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VAT owed traders are also claiming GST refund
जीएसटी - फोटो : सोशल मीडिया
जीएसटी में माईग्रेटेड होने वाले बहुत से व्यापारियों ने वैट के समय का बकाया टैक्स जमा नहीं किया है। फिर भी जीएसटी रिफंड का दावा कर दिया है, जो जीएसटी अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। वाणिज्यकर विभाग के व्यास पोर्टल पर उपलब्ध आरसी माड्यूल और जीएसटी रिफंड डाटा के मिलान में इसका खुलासा हुआ है। ऐसे बुहत से मामले सामने आने के बाद विभाग के कान खड़े हो गए हैं। विभाग ने ऐसे व्यापारियों के दावे का निस्तारण करने से पहले बकाया टैक्स वसूलने का फैसला किया है और जरूरत पडने पर उनके बैंक अकाउंट अटैच तक की कार्यवाही करने की तैयारी है।
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 इस संबंध में जोन के एडिशनल व कार्यपालक व कारर्पोरेट सेक्टर का काम देखने वाले जाइंट कमिश्नरों और कर निर्धारण व कर वसूली का काम देख रहे डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नरों को दिशा-निर्देश भेजा गया है। जिसमें जीएसटी रिफंड का क्लेम करने वाले सभी व्यापारियों के दावों की प्रोसेसिंग के दौरान आरसी माड्यूल में उपलब्ध बकाया से मिलान अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। मिलान के बाद बकायेदारों से जहां वैट के समय की पूरी बकाया राशि वसूली जाएगी, वहीं आनाकानी करने पर व्यापारियों के बैंक खाते अटैच करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ऐसे मामलों की छानबीन के दौरान किसी भी व्यापारी का उत्पीडन न करने और बैंक अकाउंट के अटैचमेंट की कार्यवाही केस टू केस के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी व्यापारी के खाते को अटैच करने से पहले जाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) को संज्ञान में लाया जाएगा। इसी तरह जिन मामलों में खाते को अटैच करने की जरूरत नहीं होगी, उन मामलों का पूरा विवरण दर्ज करने के लिए जाइंट कमिश्नर  अलग रजिस्टर रखेंगे। 
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जाइंट कमिशनर करेंगे निगरानी
वैट के बकायेदार व्यापारियों के जीएसटी रिफंड के मामलों की निगरारी के लिए जाइंट कमिश्नर को जिम्मेदार बनाया गया है। उन्हें यह भी देखना होगा कि जीएसटी रिफंड के मामलों के निस्तारण में किसी तरह का विलंब न हो। इसी तरह मुख्यालय पर स्थित आईटी अनुभाग द्वारा रिफंड का दावा करने वाले व्यापारियों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर वैट एमआईएस में रिफंड केलिए किए गए आवेदनों को संरक्षित रखा जाएगा। जिसकी मानिटरिंग संग्रह अनुभाग करेगा। 
 
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