बड़ा फैसला: कोविड में मृत लोगों की पत्नियों को घर बैठे मिलेगा वरासत और पट्टा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कोविड-19 महामारी से मृत लोगों की विधवा सहित विधिक उत्तराधिकारियों के पक्ष में तत्काल वरासत दर्ज कराएं। इसके लिए मृत भूमिधर की विधवा से किसी आवेदन पत्र की आवश्यकता नहीं है।
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कोरोना महामारी से मृत लोगों की पत्नियों (विधवाओं) की मदद के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऐसी विधवाओं के पक्ष में तत्काल वरासत दर्ज कराने व पात्रता की परिधि में आने पर कृषि और आवासीय भूमि का पट्टा देने का अभियान शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने टीम-9 की बैठक में इस अभियान को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देशित किया कि खतौनी की नकल राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा लाभार्थी को उसके आवास पर उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे कोविड-19 महामारी से मृत लोगों की विधवा सहित विधिक उत्तराधिकारियों के पक्ष में तत्काल वरासत दर्ज कराएं। इसके लिए मृत भूमिधर की विधवा से किसी आवेदन पत्र की आवश्यकता नहीं है।
संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा आवश्यक विवरण जुटाकर वरासत दर्ज कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह यदि पति की मृत्यु की दशा में विधवा निराश्रित हो गई है और उसकी आजीविका का कोई साधन नहीं है या आवास की समुचित व्यवस्था नहीं है तो भी मदद की जाएगी। ऐसी निराश्रित विधवा महिलाओं को पात्रता के अनुसार कृषि योग्य व आवासीय भूमि का पट्टा दिया जाए। आवास की पात्रता होने की दशा में ग्राम्य विकास विभाग से संपर्क कर आवास निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त करेंगे समीक्षा, 20 तक विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने मंडलायुक्तों को इस अभियान की लगातार समीक्षा करने व संपूर्ण विवरण राजस्व परिषद के माध्यम से 20 जुलाई तक शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 15 दिन का यह अभियान 18 जुलाई तक चलेगा।
अपर मुख्य सचिव ने उपजिलाधिकारियों से किया संवाद
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस अभियान के मद्देनजर मंगलवार को प्रदेश की समस्त तहसीलों के उपजिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। उन्होंने अभियान की सफलता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस अभियान में प्रदेश के सभी लेखपाल व राजस्व निरीक्षक लगाए गए हैं। तहसील के अधिकारियों के निर्देशन में यह अभियान चलेगा।