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विद्यार्थियों का हो सतत मूल्यांकन न कि सेमेस्टर परीक्षा से
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सिर्फ परीक्षा के आधार पर न हो छात्रों का मूल्यांकन
शिक्षण संस्थानों की परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन सिर्फ परीक्षा के आधार पर नहीं होना चाहिए। हमें छात्र की सृजनात्मकता भी चेक करने की जरूरत है। यह बातें ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने कहीं। वे रविवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (कैस) के दूसरे स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. नागभूषण ने कहा कि हमें 10 साल पुराने क्वेशचन पेपरों के आधार पर पेपर तैयार करने की प्रथा खत्म करनी होगी। आईएससी बंगलुरू में प्रश्न ही इतने कठिन होते हैं कि थोड़ा समय तो उसी को समझने में लग जाता है। हमें जरूरत भर के शॉर्ट नोट्स तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में उच्च शिक्षा में इतनी ज्यादा भीड़ नहीं है। वहां उच्च शिक्षा मोटिवेटेड और डिवोटेड लोग प्राप्त करते हैं। हमें भी उच्च शिक्षा में भीड़ तंत्र को कम करना होगा। उन्होंने कहा कि एकेटीयू और आईआईआईटी मिलकर शोध के क्षेत्र में काम करेंगे, इसके लिए जल्द एमओयू भी किया जाएगा। उन्होंने पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी की मैटीरियल केमिस्ट्री एंड सिंथेसिस लैब का लोकार्पण और संस्थान की वार्षिक पत्रिका अग्रगमन 2019 का विमोचन भी किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अनुपस्थिति में उनके लिखित भाषण को पढ़ा। उन्होंने कहा कि काफी कम समय में कैस राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में प्रो. गौड़ ने संस्थान की एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख किया। बताया कि नए सत्र 2019-20 से एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग साइंस एंड ऑटोमेशन में एमटेक शुरू किया जा रहा है। इस अवसर पर डीन पीजी एंड रिसर्च प्रो. एमके दत्ता, डॉ. अनुज शर्मा, डॉ. पियूष जायसवाल आदि उपस्थित थे। इस क्रम में शाम को संस्थान में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें अंकित श्रीवास्तव ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। संस्थान के विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
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शिक्षण संस्थानों की परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन सिर्फ परीक्षा के आधार पर नहीं होना चाहिए। हमें छात्र की सृजनात्मकता भी चेक करने की जरूरत है। यह बातें ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने कहीं। वे रविवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (कैस) के दूसरे स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. नागभूषण ने कहा कि हमें 10 साल पुराने क्वेशचन पेपरों के आधार पर पेपर तैयार करने की प्रथा खत्म करनी होगी। आईएससी बंगलुरू में प्रश्न ही इतने कठिन होते हैं कि थोड़ा समय तो उसी को समझने में लग जाता है। हमें जरूरत भर के शॉर्ट नोट्स तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में उच्च शिक्षा में इतनी ज्यादा भीड़ नहीं है। वहां उच्च शिक्षा मोटिवेटेड और डिवोटेड लोग प्राप्त करते हैं। हमें भी उच्च शिक्षा में भीड़ तंत्र को कम करना होगा। उन्होंने कहा कि एकेटीयू और आईआईआईटी मिलकर शोध के क्षेत्र में काम करेंगे, इसके लिए जल्द एमओयू भी किया जाएगा। उन्होंने पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी की मैटीरियल केमिस्ट्री एंड सिंथेसिस लैब का लोकार्पण और संस्थान की वार्षिक पत्रिका अग्रगमन 2019 का विमोचन भी किया।
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संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अनुपस्थिति में उनके लिखित भाषण को पढ़ा। उन्होंने कहा कि काफी कम समय में कैस राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में प्रो. गौड़ ने संस्थान की एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख किया। बताया कि नए सत्र 2019-20 से एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग साइंस एंड ऑटोमेशन में एमटेक शुरू किया जा रहा है। इस अवसर पर डीन पीजी एंड रिसर्च प्रो. एमके दत्ता, डॉ. अनुज शर्मा, डॉ. पियूष जायसवाल आदि उपस्थित थे। इस क्रम में शाम को संस्थान में सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें अंकित श्रीवास्तव ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। संस्थान के विद्यार्थियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
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