'योग को मुसलमानों पर थोप रही है मोदी सरकार'
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यवाहक महासचिव वली रहमानी ने बोर्ड सदस्यों को पत्र लिखकर योग,सूर्य नमस्कार को बढ़ावा देने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है।
साथ ही कहा है कि बोर्ड सदस्य देश भर में इमाम-ए-जुमा से संपर्क कर इस्लाम विरोधी धर्म प्रचार का विरोध करें। साथ ही योग व सूर्य नमस्कार के जरिये योग दिवस पर संविधान के नियमों का उल्लंघन किए जाने से अवाम को अवगत कराएं।
वली रहमानी का कहना है कि संविधान सरकार को किसी भी धर्म के प्रचार की इजाजत नहीं देता,लेकिन केंद्र सरकार योग व सूर्य नमस्कार के जरिये धर्म का प्रचार प्रसार कर रही है। ये मुस्लिम विचारधारा के विरोध में है। इसकी बोर्ड को सख्त अलोचना करनी चाहिए।
किसी और धर्म को थोपने की कोशिश
बोर्ड सदस्य जफरयाब जीलानी ने कहा कि स्कूलों और सरकारी विभागों में सूर्य नमस्कार की अनिवार्यता इस बात का सुबूत है कि लगातार एक विशेष धर्म को थोपने की कोशिश की जा रही है। सूर्य नमस्कार इस्लाम के अकीदे के खिलाफ है। केंद्र सरकार के इस तरह के प्रयासों से मुसलमानों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बोर्ड सदस्य इस मुहिम के खिलाफ देश भर में इमाम-ए-जुमा से संपर्क करेंगे और इस्लाम विरोधी इस मुहिम से अवाम को अवगत कराएंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामयाबी को छुपाने केलिए इस तरह की योजनाएं बना कर एक विशेष समाज व वर्ग को खुश करना चाहती है। जबकि देश में समस्याएं व महंगाई और ब्लैक मनी को देश में वापस लाने के मुद्दे छुपा रही है। जीलानी ने बताया कि महासचिव की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि 21 जून को मनाया गया राष्ट्रीय योग दिवस आरएसएस की एक साजिश थी। 21 जून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार की पुण्य तिथि है।