हर रोज एक लाख यात्रियों का सफर होगा आसान, 18 हजार गांवों तक पहुंचेगी सुविधा
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में खरीदी जाने वाले 2300 बसें रोजाना करीब एक लाख लोगों का सफर आसान करेंगी। दो वर्ष में निगम के बेड़े में शामिल होने वाली 1600 साधारण और 700 जनता एसी जनरथ बसों की खरीद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।
योजना के मुताबिक परिवहन निगम वित्तीय वर्ष 2019-20 में 600 साधारण और 200 जनरथ बसें खरीदेगा। 2020-21 में 1000 साधारण एवं 500 एसी जनरथ बसों की खरीद की जाएगी। इसकी पुष्टि मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) राजेश कुमार वर्मा ने की है। बसों की खरीद पर करीब 600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसमें एक साधारण बस की कीमत 20 लाख और एसी जनरथ बस की 32 लाख बतायी जा रही है।
नई बसों के बेड़े में शामिल होने पर बसों की संख्या 14,466 हो जाएगी, इसमें 1140 एसी बसें होंगी। वर्तमान में 12,266 साधारण एवं 540 एसी बसें हैं। बस खरीद का यह प्रस्ताव शासन के परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला को भेजा जाएगा।
18 हजार गांवों तक जाल बिछाएगा परिवहन निगम
परिवहन निगम दो वर्षों में 18 हजार गांवों तक अपना जाल बिछाएगा। इस सुविधा से ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय तक आवागमन सुगम हो सकेगा। इसके लिए निजी ऑपरेटरों की बसों को अनुबंध पर लेने की प्रक्रिया चल रही है।
जनप्रतिनिधियों की डिमांड जनरथ
कई जनप्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालयों से लखनऊ और दिल्ली तक जनरथ बसें चलाने की आवाज उठाई है। दरअसल, जनरथ का सफर वॉल्वो एवं स्कैनिया से सस्ता है।
यानी जनरथ का किराया साधारण बस के किराये से महज 25 फीसदी अधिक है। यात्री को साधारण बस में 0.95 रुपये प्रति किमी एवं जनरथ में 1.20 रुपये प्रति किमी के रेट से किराया चुकाना पड़ता है।