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15 गांवों को गोद लेकर नजीर पेश करे एसजीपीजीआई: दीक्षांत समारोह में राज्यपाल

Sun, 01 Sep 2019 12:13 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 01 Sep 2019 12:13 AM IST
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Uttar Pradesh Governor says SGPGI should adopt 15 villages.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : amar ujala

एसजीपीजीआई 15 गांवों को गोद ले। वहां के लोगों का इलाज करके नजीर पेश करे, ताकि दूसरे संस्थान भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हों। यह कहना है राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का।

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शनिवार को वह एसजीपीजीआई के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल ने बताया कि राजभवन के अधिकारियों ने एक-एक टीबी पीड़ित बच्चे को गोद ले रखा है। यहां के प्रोफेसर भी इस दिशा में कदम बढाएं, जिससे समाज में नया संदेश जाए।
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ऐसे प्रयासों से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत को टीबीमुक्त करने का सपना साकार हो सकेगा। राज्यपाल ने कहा कि वह एक दिन पहले ग्रामीण इलाकों में गईं थीं, जहां सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया जा रहा था, लेकिन वहां महिला चिकित्सक नहीं थीं।
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मेरी सलाह है कि एसजीपीजीआई से डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सक मातृभूमि से जुड़ाव बनाए रखें। दो साल ग्रामीण इलाकों में मरीजों की सेवा करके यह साबित करें कि सरकार ने उन पर जो खर्च किया है, उसे वे राजीखुशी देश को लौटा रहे हैं। गांवों में मरीजों की सेवा से वे नया अनुभव प्राप्त करेंगे।

'मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहा है भारत'

Uttar Pradesh Governor says SGPGI should adopt 15 villages.
छात्र-छात्राओं के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल। - फोटो : amar ujala

भारत मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित हो रहा है। यहां इलाज कराने के लिए विदेश से भी लोग आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। स्वास्थ्य सभी का संवैधानिक अधिकार है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेजों को हरी झंडी दी है, जिसमें 14 उत्तर प्रदेश के हैं।

उन्होंने सियासी अंदाज में कहा कि आजादी के बाद स्वास्थ्य शिक्षा, शौचालय की दिशा में ध्यान नहीं दिया गया। करीब 60 साल बाद एक नई शुरुआत हुई है। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता के प्रति जागरुकता अभियान चल रहा है। फिटनेस और योग पर जोर है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का संदेश वीडियो के जरिए सुनाया गया। उन्होंने कहा कि वह जरूरी काम से दिल्ली लौट गए हैं। डिग्री पाने वाले मेडिकल छात्रों को बधाई दी।

चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने भी डिग्री प्राप्त करने वाले मेडिकल छात्रों का हौसला बढ़ाया। मुख्य सचिव अनूप चंद पांडेय, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने संस्थान की उपलब्धियां गिनवाईं।

डॉक्टर की विनम्रता, मरीज की दवा के समान

Uttar Pradesh Governor says SGPGI should adopt 15 villages.
डिग्री लेने के बाद विद्यार्थी। - फोटो : amar ujala

दीक्षांत समारोह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मरीज बड़ी उम्मीद के साथ डॉक्टर के पास आते हैं। भले ही 50 की जगह 200 मरीजों की भीड़ हो, लेकिन चिकित्सक बिना झुंझलाहट मरीज के सिर पर हाथ भरा रख दे तो उसकी आधी बीमारी दूर हो जाती है। इसलिए चिकित्सक को विनम्रता के साथ परोपकार की इच्छा शक्ति दिखानी चाहिए। काम का बोझ होने के बाद भी संवेदनशील बने रहें, जिसका फायदा चिकित्सक ही नहीं बल्कि देश और समाज को भी मिलेगा।

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