राज्यपाल की विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को दो टूक, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ऐसी कोई गलती नहीं करें, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़े। राजभवन तक कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेश के कुलपतियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह बात कही।
राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि कुलपति एवं अध्यापकों की नियुक्ति छात्रों के लिए ही होती है। इसलिए वे छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए काम करें। शिक्षक अपनी योग्यता को ध्यान में रखते हुए छात्रों के बीच अपनी छवि स्वच्छ बनाएं। कुलपति स्वकेंद्रित होकर कार्य न करें, बल्कि अध्यापकों की क्षमता का भरपूर उपयोग करें। कुलपति अध्यापकों एवं छात्रों को विश्वास में लेकर कार्य करेंगे तभी विश्वविद्यालय का नाम रोशन हो सकेगा। सभी समितियों में छात्रों को भी शामिल करें। इससे कई समस्याएं स्वत: खत्म हो जाएंगी।
राजभवन की मंजूरी के बिना चार्ज नहीं दें
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी कुलपति अपनी अनुपस्थिति में राजभवन की इजाजत के बिना किसी को चार्ज नहीं देगा। विश्वविद्यालय राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही परीक्षा कराएं। इसमें कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन से जारी निर्देशों का पालन होना चाहिए।
कुलपति अपने अधिकार क्षेत्र में ही काम करें, उससे बाहर नहीं जाएं। शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक नियुक्तियों के विज्ञापनों में शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाकर नियुक्तियां की जाएं। इसमें पक्षपात नहीं होना चाहिए।
सप्ताह में एक दिन छात्रों की शिकायतें सुनें
राज्यपाल ने कहा कि कुलपति एवं रजिस्ट्रार छात्रों की शिकायतें सुनने के लिए सप्ताह में एक दिन एक घंटे का समय निर्धारित करें। उस अवधि में केवल उनकी शिकायतों को सुनकर निस्तारण करें। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से पारित कराने के बाद ही प्रकरण विशेष को राजभवन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवि स्तर पर ही वरिष्ठता एवं प्रोन्नति संबंधी सभी प्रकरण समय से निस्तारित किए जाएं।
कोरोना की चुनौती में विवि का बेहतर संचालन करें
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है। उन्होंने सभी कुलपतियों को कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विश्वविद्यालय का बेहतर संचालन करने के निर्देश दिए।
कहा कि विश्वविद्यालय को भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय की श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और रणनीति अभी से तैयार करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को अच्छी नैक ग्रेडिंग प्राप्त करने के भी निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा, मोनिका एस. गर्ग, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) केयूर संपत उपस्थित थे।