देवरिया कांड में राज्य सरकार ने नारी संरक्षण गृह मामले में केंद्र को भेजी रिपोर्ट
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देवरिया में नारी संरक्षण गृह मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश के गृह विभाग की ओर से मंत्रालय को जवाब भी भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि इस मामले में अलग-अलग लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।
स्थानीय पुलिस की क्या भूमिका थी, इसकी जांच की जिम्मेदारी गोरखपुर जोन के एडीजी दावा शेरपा को दी गई है। बाल कल्याण समिति को भंग करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है, इसलिए पूरी समिति को निलंबित किया गया है। सीबीआई जांच होने तक तथ्यों से छेड़छाड़ न की जाए, इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है।
एसआईटी में एडीजी क्राइम संजय सिंघल के अलावा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में एसपी पूनम और आर्थिक अपराध शाखा में एसपी भारती सिंह को शामिल किया गया है। इसके अलावा इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर, जिलाधिकारी पर की गई कार्रवाई और लंबे समय तक रहे डीपीओ के निलंबन और दो अन्य पूर्व डीपीओ के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी जिक्र है।
कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद केंद्र को भेजेंगे सीबीआई जांच की सिफारिश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया कांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की सिफारिश का एलान मंगलवार को ही कर दिया था, लेकिन मंगलवार देर रात तक जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण सीबीआई जांच के लिए सिफारिश बुधवार शाम तक नहीं भेजी जा सकी थी। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि सीबीआई जांच के लिए डीओपीटी को सिफारिश भेजने के लिए एक प्रारूप निर्धारित है। प्रारूप को पूरा करते हुए जांच की सिफारिश डीओपीटी को भेजी जा रही है।
सेंगर की तरह जल्द शुरू हो सकती है सीबीआई जांच
सूत्रों का कहना है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ गैंगरेप मामले की तरह इस मामले में भी तेजी से कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि इन दिनों संसद का सत्र चल रहा है और बिहार के मुजफ्फरपुर की तरह देवरिया का मामला भी गर्म है।
केंद्रीय गृहमंत्री को इस मामले में सदन में जवाब देना पड़ रहा है। इसलिए विपक्ष को मिले इस मुद्दे की धार को कुंद करने के लिए सीबीआई जल्द केस रजिस्टर कर जांच शुरू कर सकती है।