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हैलो...साहब! अकेला हूं, खाने को कुछ नहीं है, खाना मिल जाएगा, ऐसी हजारों फोन कॉल आ रहीं हैं रोजाना
Sun, 29 Mar 2020 09:31 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 29 Mar 2020 09:31 AM IST
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uttar pradesh corona lockdown
- फोटो : अमर उजाला
हैलो... विकास खंड गोमती नगर से बोल रहा हैं। हमारे पास खाने को कुछ नहीं है। अकेला हूं। मुझे खाना चाहिए। सर... हैलो नगर निगम से बोल रहे हैं... कमता शंकरपुरी से बोल रहा हूं... सर पास के प्लॉट में दस परिवार झुग्गी झोपड़ी वाले हैं.. अब तक खाने को दिया, मगर अब मेरे बस का नहीं है। कृपया उनके लिए खाने का इंतजाम कराइए।
साहब... आलमनगर रेलवे लाइन के पास झोपड़ी में रहती हूं। बच्चों के खिलाने के लिए भी कुछ नहीं है। खाना भिजवा दीजिए। ऐसे ही हजारों की तादाद में फोन कॉल नगर निगम के जोनल अफसरों के पास आ रही हैं।
ऐसे में टीम भूखों तक पहुंचकर खाना उपलब्ध करा रही है। हर इलाके में नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की 200 टीमों ने शनिवार को 32126 भूखों को भोजन कराया।
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इसके अलावा स्वयं सेवी संगठनों की ओर से नगर निगम को 900 खाने के पैकेट बांटने के लिए दिए गए। जोनल अधिकारी राजेश सिंह कहते हैं कि गोमती नगर, चिनहट और उसके आसपास कॉलोनियों से फोन आ रहे हैं।
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साहब... आलमनगर रेलवे लाइन के पास झोपड़ी में रहती हूं। बच्चों के खिलाने के लिए भी कुछ नहीं है। खाना भिजवा दीजिए। ऐसे ही हजारों की तादाद में फोन कॉल नगर निगम के जोनल अफसरों के पास आ रही हैं।
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ऐसे में टीम भूखों तक पहुंचकर खाना उपलब्ध करा रही है। हर इलाके में नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की 200 टीमों ने शनिवार को 32126 भूखों को भोजन कराया।
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इसके अलावा स्वयं सेवी संगठनों की ओर से नगर निगम को 900 खाने के पैकेट बांटने के लिए दिए गए। जोनल अधिकारी राजेश सिंह कहते हैं कि गोमती नगर, चिनहट और उसके आसपास कॉलोनियों से फोन आ रहे हैं।
जोनल अधिकारी संगीता ने बताया कि जरूरतमंद तक खाना पहुंचाकर सुकून मिलता है। कर अधीक्षक अनूप कहते हैं कि राजाजीपुरम ई ब्लाक में उन्होंने ढूंढ कर उन लोगों को खाना दिया जो न फोन कर पाए थे और न ही उनके पास खाने को कुछ था।
जबकि कांटीनेंटल ऑटोमोबाइल्स द्वारा चलाई जा रही अन्न दान योजना के लिए 51 हजार रुपये की मदद की। कंपनी की ओर से नगर आयुक्त को चेक सौंपा गया।
पुराने लखनऊ के छवई टोला से राजेश राजपूत नामक एक व्यक्ति जोन छह के कर्मचारी को फोन किया और बताया कि यहां 50 गरीब परिवार भूखे हैं। टीम जब वहां खाना लेकर पहुंची तो वहां पक्के मकान वाले 100 लोग जमा थे।
यह मजदूर या गरीब नहीं थे। फोन करने वाले ने कहा कि सभी पैकेट उसे दिए जाएं तो वह बांटेगा। बड़ी मुश्किल से उक्त व्यक्ति माना, फिर भी टीम से 35 पैकेट गरीबों को बांटने के नाम पर रखवा लिए।
जबकि कांटीनेंटल ऑटोमोबाइल्स द्वारा चलाई जा रही अन्न दान योजना के लिए 51 हजार रुपये की मदद की। कंपनी की ओर से नगर आयुक्त को चेक सौंपा गया।
पुराने लखनऊ के छवई टोला से राजेश राजपूत नामक एक व्यक्ति जोन छह के कर्मचारी को फोन किया और बताया कि यहां 50 गरीब परिवार भूखे हैं। टीम जब वहां खाना लेकर पहुंची तो वहां पक्के मकान वाले 100 लोग जमा थे।
यह मजदूर या गरीब नहीं थे। फोन करने वाले ने कहा कि सभी पैकेट उसे दिए जाएं तो वह बांटेगा। बड़ी मुश्किल से उक्त व्यक्ति माना, फिर भी टीम से 35 पैकेट गरीबों को बांटने के नाम पर रखवा लिए।
खाना पहुंचते ही टूट रही भीड़
हरदोई रोड पर गढ़ीपीर खां वार्ड में कर्बला के पीछे मलिन बस्ती में घर-घर से कूड़ा लेने वालों की बस्ती है। कर अधीक्षक चंद्रशेखर यादव बताते हैं कि जब वह कर निरीक्षक जेहरा अंदलीब और लिपिक शोएब व अन्य कर्मचारियों के साथ खाना बांटने पहुंचे तो भीड़ लग गई। किसी तरह उनको पीछे किया तो बच्चों को आगे कर दिया। किसी तरह समझाते-समझाते सबको पैकेट दिए।
...और किसी तरह भीड़ से बचकर लौटी टीम
दुबग्गा सब्जी मंडी के पीछे कुंज विहार कालोनी में जब नगर निगम की टीम खाना बांटने पहुंची तो 200 लोगों की भीड़ निकल आई। टीम के पास उतने पैकेट बचे नहीं थे। इस पर लोग हंगामा करने लगे। किसी तरह सबको समझा-बुझाकर गाड़ी निकल पाई।
फोन आया तो किशोरी की टीम ने पहुंचाया खाना
इंजीनियर किशोरी ने बताया कि जियामऊ में अल्मोड़ा निवासी पूरन रहते हैं। वह मजदूरी करते हैं। उनका फोन आया कि तीन पैकेट खाना चाहिए। टीम उनके पास खाना लेकर गई। गोलागंप प्रताप नगर में 50 लोगों को, जवाहनगर में 50 लोगों को और सदर राम लीला मैदान और मेरा मन होटल के पीछे भी फोन से जानकारी आने पर खाना पहुंचाया गया।
...और किसी तरह भीड़ से बचकर लौटी टीम
दुबग्गा सब्जी मंडी के पीछे कुंज विहार कालोनी में जब नगर निगम की टीम खाना बांटने पहुंची तो 200 लोगों की भीड़ निकल आई। टीम के पास उतने पैकेट बचे नहीं थे। इस पर लोग हंगामा करने लगे। किसी तरह सबको समझा-बुझाकर गाड़ी निकल पाई।
फोन आया तो किशोरी की टीम ने पहुंचाया खाना
इंजीनियर किशोरी ने बताया कि जियामऊ में अल्मोड़ा निवासी पूरन रहते हैं। वह मजदूरी करते हैं। उनका फोन आया कि तीन पैकेट खाना चाहिए। टीम उनके पास खाना लेकर गई। गोलागंप प्रताप नगर में 50 लोगों को, जवाहनगर में 50 लोगों को और सदर राम लीला मैदान और मेरा मन होटल के पीछे भी फोन से जानकारी आने पर खाना पहुंचाया गया।
पेपर मिल कॉलोनी के पास बालबाड़ी स्कूल के पास जब तहसीलदार सविता शुक्ला, सहायक अभियंता एसपी तिवारी जब टीम के साथ खाना बांटने पहुंचे तो लंबी लाइन लग गईऱ्। 100 से अधिक लोग खाना लेने आ गए।
सपा संरक्षक की समधन ने बेली पूड़ियां
जोन छह की जोनल अधिकारी और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन ने कम्यूनिटी किचन में पूड़ियां बेलीं। उन्होंने साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का इसके जरिए हौसला बढ़ाया। कर्मचारियों ने खाने को घर की तरह पैक किया।
कंट्रोल रूम बनाने की जरूरत
खाना बनवाने, बंटवाने के काम में जो अफसर लगे लगे हैं। उन्हीं अफसरों को सफाई और सैनिटाइजेसन में भी लगाया गया है। ऐसे में इन अफसरों का मोबाइल फोन लगातार बज रहा है। इससे काम पर भी असर आ रहा है। काम में लगे अफसरों ने बताया कि खाने के लिए जोनल व अन्य अधिकारियों के नंबर जारी किए जाने की बजाए एक कंट्रोल रूम बनाया जाता तो इतनी परेशानी नहीं होती।
सपा संरक्षक की समधन ने बेली पूड़ियां
जोन छह की जोनल अधिकारी और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन ने कम्यूनिटी किचन में पूड़ियां बेलीं। उन्होंने साथी कर्मचारियों और अधिकारियों का इसके जरिए हौसला बढ़ाया। कर्मचारियों ने खाने को घर की तरह पैक किया।
कंट्रोल रूम बनाने की जरूरत
खाना बनवाने, बंटवाने के काम में जो अफसर लगे लगे हैं। उन्हीं अफसरों को सफाई और सैनिटाइजेसन में भी लगाया गया है। ऐसे में इन अफसरों का मोबाइल फोन लगातार बज रहा है। इससे काम पर भी असर आ रहा है। काम में लगे अफसरों ने बताया कि खाने के लिए जोनल व अन्य अधिकारियों के नंबर जारी किए जाने की बजाए एक कंट्रोल रूम बनाया जाता तो इतनी परेशानी नहीं होती।