3500 शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी जरूरी खबर, देखें
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निकाली गई रिक्तियों में कोई भी पद उर्दू भाषा के शिक्षकों के लिए आरक्षित नहीं किए जाएगा। शासन ने फैसला किया है कि ये सभी पद पदोन्नति से भरे जाएंगे।
प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी उर्दू शिक्षकों के लिए पद आरक्षित करने की मांग की जा रही थी, जिसे शासन ने स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है।
पिछले साल जुलाई में सर्व शिक्षा अभियान के तहत नए स्वीकृत 9974 प्राथमिक विद्यालयों के लिए 19948 पद और 969 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 2907 पद स्वीकृत किए गए थे।
सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए स्वीकृत 19948 पदों में से 3500 पद उर्दू भाषा के शिक्षकों के लिए आरक्षित कर दिए।
25 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
इनके लिए नियुक्ति प्रक्रिया 25 फरवरी तक पूरी करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा था कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत नए स्वीकृत प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी उर्दू भाषा के शिक्षकों के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, शासन का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए स्वीकृत सभी 2907 पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा।
इस बाबत संपर्क किए जाने पर निदेशक बेसिक शिक्षा डीबी शर्मा ने भी स्वीकार किया कि इन उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए मिले पद पदोन्नति से भरे जाएंगे। इसलिए उर्दू भाषा शिक्षकों के लिए पद परिवर्तन की कोई योजना नहीं है।