यूपीटीयू ने किया बंपर भर्तियों का एलान
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प्रदेश के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थानों के सभी खाली पदों पर जनवरी तक नियुक्तियां हो जाएंगी। वहीं प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए सूबे का निवासी होने की बाध्यता आड़े नहीं आएगी।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा ने शनिवार को टेक्निकल एजूकेशन समिट में इसका ऐलान किया। इस मौके पर टेक्निकल एजूकेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया गया।
स्थानीय होटल में आयोजित समिट में ओझा ने कहा कि अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थानों का अनुदान फ्रीज होने के कारण अभी तक नियुक्तियां नहीं हो पा रही थीं।
अनुदान डी फ्रीज होने के बाद इस समस्या का समाधान हो गया है। अब अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थानों में भी नियुक्तियां हो सकेंगी।
सीएम अखलेश की तारीफ की
उन्होंने संबद्धता की समस्याओं को देखते हुए ऑनलाइन एफिलिएशन शुरू करने, कोर्स को इंडस्ट्री से लिंक करने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में उद्यमियों को बुलाने, हर साल सिलेबस अपडेट करने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाने की बात कही।
उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उनके निर्देश पर राजधानी के आईईटी समेत प्रदेश के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली पडे़ निदेशक के पदों पर नियुक्ति कर दी गई है। व्यवसायिक शिक्षा राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के शोध न होने पर चिंता जाहिर की।
उनके अनुसार शोध के अभाव में यूपीटीयू केवल प्रवेश और डिग्री देने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है।
इसके बावजूद तकनीकी शिक्षा से गांवों को नहीं जोड़ा जा सका है। इसलिए तकनीकी शिक्षा को गांवों तक पहुंचाना होगा। यूपीटीयू कुलपति प्रो. आरके खांडल ने तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए सरकार की कोशिशों की सराहना की।