UPSSSC Mukhya Sevika: बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में भरे जाएंगे मुख्य सेविका के 2693 पद, आयोग ने जारी किया विज्ञापन
आयोग ने मुख्य सेविका भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। मुख्य सेविका के 2693 पदों पर भर्ती होगी।
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने मुख्य सेविका के रिक्त 2693 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भरने का काम 3 अगस्त को शुरू होगा। जबकि अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। इसी प्रकार शुल्क समायोजन और आवेदन में संशोधन आदि का काम 31 अगस्त तक कराया जा सकेगा। मुख्य सेविका के पद पर सिर्फ महिलाओं की ही भर्ती होगी।
अधीनस्थ चयन आयोग के सचिव अवनीश सक्सेना की ओर से सोमवार को मुख्य सेविका के पद पर भर्ती की विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है। मुख्य सेविका के पद के लिए आवेदन करने के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) पास करना अनिवार्य होगा। वहीं इस पद केलिए 21 से 40 वर्ष की आयु वाले ही आवेदन कर पाएंगे। आयु की गणना 1 जुलाई 2022 से की जाएगी। जबकि शैक्षिक योग्यता किसी विश्वविद्यालय से एक विषय के रूप में समाज शास्त्र, समाज कार्य, गृह विज्ञान या पोषण और बाल विकास के साथ कला में स्नातक उपाधि या सरकार द्वारा उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई उपाधि रखता हो।
आयोग सचिव ने बताया कि मुख्य सेविका के लिए जारी विज्ञापन में 2693 पदों में अनारक्षित श्रेणी के लिए 1079, अनुसूचित जाति के लिए 565, अनुसूचित जनजाति केलिए 53, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 727 और आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के 269 पद आरक्षित किए गए हैं। अनंतिम रुप से चयनित होने वाले को वेतनमान 5200-20200 और ग्रेड पे 2800 मिलेगा। उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र सिर्फ ऑनलाइन आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in पर ही स्वीकार किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 25 रुपये रखा गया है। मुख्य परीक्षा शुल्क शार्टलिस्ट होने वाले अभ्यर्थियों को बाद में देना होगा। मुख्य सेविका मुख्य परीक्षा के लिए कुल पदों के मुकाबले 15 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं के कल्याण का काम करने में अनुभवए प्रादेशिक सेना में न्यूनतम दो वर्ष की अवधि तक सेवा या राष्ट्रीय कैडेट कोर का बी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। यूपी के बाहर वालों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। इनको अनारक्षित श्रेणी में माना जाएगा।