AIDS का खतरा, यूपी में महिलाओं की होगी निगरानी!
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एड्स से महिलाओं को बचाने के लिए यूपीसैक्स ने अब कमाने के लिए बाहर गए पतियों की पत्नी की भी मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया है।
अब विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइंस के आधार पर काम के लिए घर से बाहर रहने वाले व्यक्तियों की पत्नियों को भी चिह्नित किया जाएगा। साथ ही एचआईवी संक्रमित पुरुषों की पत्नी के व्यवहार की स्टडी भी शुरू की जाएगी।
25 जिलों में शुरू हुआ सर्वे
यूपीसैक्स के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ एड्स कंट्रोल (डैक, पूर्ववर्ती नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन) के निर्देश के बाद यूपी के 25 जिलों में नेशनल इंटीग्रेटिड बिहेवरल एंड बायोलॉजिकल सर्वे (एनआईबीबीएस) का काम शुरू किया गया है।
अभी तक एचआईवी से जुड़े लोगों की पहचान और जरूरी डाटा जुटाने के लिए बायोलॉजिकल सर्वे ही किया जाता था।
अब लोगों के व्यवहार का भी पता करने के लिए सर्वे होगा। इसके लिए एसी नील्सन ओआरजी कंपनी को चुना गया है। प्रशिक्षण का काम शुरू कर दिया गया है।
इसमें सात केटेगरी में 400 सैंपल लिए जाएंगे। इन 2800 सैंपल की स्टडी कर आगे की स्ट्रेटजी बनाने का काम डैक की मदद से यूपीसैक्स करेगा।
इन पर होगा सर्वे
सर्वे के लिए फीमेल सेक्स वर्कर, पुरुष सेक्स वर्कर, ट्रांसजेंडर, प्रवासी, शादीशुदा महिलाएं, इंजेक्शन से नशा करने वाले लोगों को शामिल किया गया है।
शादीशुदा महिलाओं को पहली बार इसमें शामिल किया गया है। इनमें वे महिलाएं होंगी, जिनके पति बाहर काम के लिए गए हैं।
सर्वे के साथ ही सभी लोगों के खून के नमूने लिए जाएंगे। इन नमूनों की जांच से जहां जरूरी आंकड़े मिलेंगे।
वहीं, एचआईवी से संक्रमित लोगों की पहचान की जा सकेगी। हालांकि, यह केवल स्टडी के लिए होगा।
पहचान रहेगी गुप्त
पूरी तरह पेपर लेस सर्वे
नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह सर्वे पूरी तरह पेपर लेस होगा। प्रशिक्षण के बाद वालंटियर एक टैबलेट पीसी में मौजूद सॉफ्टवेयर की मदद से डाटा एकत्रित करेंगे।
कंपनी इस डाटा का आंकलन करके अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।