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Lucknow News: केजीएमयू के लिंब सेंटर में एक्सरे रसीद न मिलने पर हंगामा
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केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के लिंब सेंटर में बुधवार को एक्सरे जांच की फीस रसीद न मिलने पर मरीज और उनके तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि कर्मचारी जानबूझकर रसीद नहीं दे रहे। मांगने पर टालमटोल करते हैं।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक्सरे की जांच के लिए करीब 50 मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ तीमारदारों ने शुल्क की रसीद मांगी, पर कर्मचारियों ने आनाकानी की तो मामला बढ़ गया। गोरखपुर के प्रशांत ने बताया कि कमर की एक्सरे जांच के लिए 150 रुपये लिए गए, पर रसीद नहीं मिली। इसी तरह हरदोई की रोली के पैर के एक्सरे के लिए 300 रुपये का शुल्क लिया गया, उन्हें भी रसीद नहीं मिली। मिश्रिख के शिवशंकर पांडेय और नीरज दुबे से भी पैर के एक्सरे के लिए 300-300 रुपये नकद लिए गए, लेकिन रसीद बाद में देने की बात कहकर टाल दिया गया।
तीमारदारों का कहना है कि केजीएमयू के अन्य विभागों में शुल्क जमा करने पर रसीद दी जाती है, लेकिन लिंब सेंटर में ऐसा नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि रसीद न मिलने के कारण उन्हें बीमा प्रतिपूर्ति या अन्य सरकारी योजनाओं में आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उनके मुताबिक, सभी को रसीद जरूर मिलनी चाहिए।
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फर्जीवाड़े की आशंका
कर्मचारियों के फीस रसीद न देने के पीछे मुख्य मंशा फर्जीवाड़े की जताई जा रही है। आशंका है कि फीस रसीद न देकर कुछ कर्मचारी उसका पैसा अपनी जेब में रख रहे हैं। बहरहाल केजीएमयू प्रशासन इस मामले की जांच करा रहा है।
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बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक्सरे की जांच के लिए करीब 50 मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ तीमारदारों ने शुल्क की रसीद मांगी, पर कर्मचारियों ने आनाकानी की तो मामला बढ़ गया। गोरखपुर के प्रशांत ने बताया कि कमर की एक्सरे जांच के लिए 150 रुपये लिए गए, पर रसीद नहीं मिली। इसी तरह हरदोई की रोली के पैर के एक्सरे के लिए 300 रुपये का शुल्क लिया गया, उन्हें भी रसीद नहीं मिली। मिश्रिख के शिवशंकर पांडेय और नीरज दुबे से भी पैर के एक्सरे के लिए 300-300 रुपये नकद लिए गए, लेकिन रसीद बाद में देने की बात कहकर टाल दिया गया।
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तीमारदारों का कहना है कि केजीएमयू के अन्य विभागों में शुल्क जमा करने पर रसीद दी जाती है, लेकिन लिंब सेंटर में ऐसा नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि रसीद न मिलने के कारण उन्हें बीमा प्रतिपूर्ति या अन्य सरकारी योजनाओं में आवेदन करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने मामले की जांच कराने की बात कही है। उनके मुताबिक, सभी को रसीद जरूर मिलनी चाहिए।
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फर्जीवाड़े की आशंका
कर्मचारियों के फीस रसीद न देने के पीछे मुख्य मंशा फर्जीवाड़े की जताई जा रही है। आशंका है कि फीस रसीद न देकर कुछ कर्मचारी उसका पैसा अपनी जेब में रख रहे हैं। बहरहाल केजीएमयू प्रशासन इस मामले की जांच करा रहा है।