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पावर कार्पोरेशन में घोटाला, पीएफ के 2258 करोड़ फंसे, दो गिरफ्तार, होगी सीबीआई जांच

Sun, 03 Nov 2019 01:32 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 03 Nov 2019 01:32 PM IST
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uppcl invested rs 1600 crore employees fund in tainted DHFL
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

यूपी पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) में कर्मचारियों के भविष्य निधि के निवेश में भ्रष्टाचार के आरोप में कॉर्पोरेशन के पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी और इम्पलाइज ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।

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दोनों अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर भविष्य निधि के 4 हजार करोड़ रुपये निजी संस्था दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफसीएल) में निवेश कर दिया था। अब भी इस कंपनी में कर्मचारियों के 2268 करोड़ रुपये फंसे हैं। इस रकम के डूबने की आशंका है।
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मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों अफसरों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। सीएम ने साथ ही कड़ा कदम उठाते हुए सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की है। तब तक डीजी ईओडब्ल्यू जांच करेंगे। वहीं सीएम के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर सुधांशु को लखनऊ और प्रवीण को आगरा से दबोच लिया। सुधांशु रिटायर हो चुके हैं जबकि प्रवीण निलंबित हैं।

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50 प्रतिशत से अधिक भविष्य निधि की राशि डीएचएफसीएल में कर दी थी निवेश

दोनों अफसरों ने उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन अंशदायी भविष्य निधि ट्रस्ट में जमा कार्मिकों के जीपीएफ व सीपीएफ की धनराशि का नियम विरुद्ध निजी संस्था में निवेश कर दिया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मामला मार्च 2017 से दिसंबर 2018 के बीच का है। तब प्रवीण सीपीएफ ट्रस्ट और जीपीएफ ट्रस्ट दोनों का कार्यभार देख रहे थे।

उन्होंने तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी से अनुमोदन प्राप्त कर वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के 2015 के आदेश को दरकिनार करते हुए भविष्य निधि फंड की 50 प्रतिशत से अधिक राशि का डीएचएफसीएल में निवेश कर दिया। जबकि उक्त संस्था अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक की श्रेणी में नहीं आती।

ऐसे फंसी कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई
- 2631.20 करोड़ रुपये डीएचएफसीएल में निवेश
- 1185.50 करोड़ ट्रस्ट कार्यालय को मिल चुके
- 1445.70 करोड़ रुपये हासिल करना शेष और अंशदायी भविष्य निधि
- 1491.50 करोड़ किया निवेश

- 669.30 करोड़ ट्रस्ट को मिले
- 822.20 करोड़ अभी लंबित
यानी 2267.90 करोड़ रुपये (मूलधन) प्राप्त करना बाकी

प्रमुख सचिव ऊर्जा ने कहा- कर्मचारियों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित

पावर सेक्टर इम्पलाइज ट्रस्ट में जमा बिजलीकर्मियों के जीपीएफ व सीपीएफ की धनराशि डीएचएफसीएल में फंसने के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अब पैसा ईपीएफओ में जमा कराने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने कहा कि यह केंद्र सरकार की एजेंसी है और इससे बाजार में निवेश के खतरों को कम किया जाएगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है। डीएचएफसीएल में जमा धनराशि निकालने के लिए हर तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। अगर किसी तरह का जोखिम हुआ तो पावर कॉर्पोरेशन कर्मचारियों का पूरा पैसा वापस करेगा।

कर्मचारियों का अहित नहीं होने देंगे
मामले पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि भविष्य निधि की धनराशि के निवेश मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार सुनिश्चित करेगी कि किसी का अहित न हो।

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