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यूपी जिपं अध्यक्ष चुनाव: 21 सीटों पर भाजपा का जीतना तय, कई जगहों पर मिलेगी चुनौती, यहां पढ़ें ताजा अपडेट
Tue, 29 Jun 2021 07:09 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 29 Jun 2021 07:09 PM IST
सार
यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में नामांकन वापसी का आज आखिरी दिन था। आज दोपहर तीन बजे तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते थे। इसके बाद तीन जुलाई को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। यहां पढ़ें जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से संबंधित ताजा अपडेट-
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यूपी जिला पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इन भाजपा प्रत्याशियों का निर्वाचन तय
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यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सहारनपुर, शाहजहांपुर, बहराइच और पीलीभीत में भी भाजपा ने प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों का नामांकन वापस लेने में सफलता हासिल की है। इन जिलों में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इसके अलावा, बुलंदशहर से डॉ. अंतुल तेवतिया, मुरादाबाद से डॉ. शेफाली सिंह, मेरठ से गौरव चौधरी, गाजियाबाद से ममता त्यागी, बलरामपुर से आरती तिवारी, गौतमबुद्ध नगर से अमित चौधरी, मऊ से मनोज राय, गोरखपुर से साधना सिंह, चित्रकूट से अशोक जाटव, झांसी से पवन कुमार गौतम, बांदा से सुनील पटेल, गोंडा से घनश्याम मिश्र, श्रावस्ती से दद्दन मिश्रा, आगरा से मंजू भदौरिया और ललितपुर से कैलाश निरंजन के खिलाफ किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे इनका निर्विरोध चुना जाना तय है। पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह का हुआ निर्विरोध निर्वाचन
गोरखपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर भाजपा की साधना सिंह का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। गोरखपुर के डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने उन्हें जीत का प्रमाण दे दिया है। बता दें कि कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कोर्ट में नाम वापसी का समय खत्म होते ही रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के. विजयेंद्र पांडियन उन्हें निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र दे दिया। पढ़ें पूरी खबर
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बागपत में रालोद को झटका
बागपत में रालोद प्रत्याशी ममता ने भी अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। वहां भी भाजपा का निर्विरोध प्रत्याशी चुना जाना तय हो गया है। नामांकन वापस लिए जाने पर रालोद विधायक और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि ममता की जगह कोई और महिला नामांकन पत्र ले गई है। रालोद कार्यकर्ताओं ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि ममता तो राजस्थान में हैं। कोई और महिला उनके नाम पर उनका पर्चा वापस ले गई है। पढ़ें पूरी खबर
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जिपं अध्यक्ष चुनाव: निर्दलीय प्रत्याशी ने नामांकन लिया वापस, अब सपा-भाजपा में होगा मुकाबला
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दाखिल तीन नामांकन पत्रों में से निर्दलीय प्रत्याशी ने मंगलवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। अब सपा अधिकृत उम्मीदवार विजय यादव और भाजपा के संजय कुमार निषाद के बीच सीधा मुकाबला होगा। जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की गरिमामयी कुर्सी के सपा समर्थित उम्मीदवार विजय यादव, भाजपा समर्थित उम्मीदवार संजय कुमार निषाद के साथ निर्दलीय उम्मीदवार जयप्रकाश यादव ने नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को हुई नामांकन वापसी में लोगों के कयास सही साबित हुए और जय प्रकाश यादव ने अपना नामांकन वापस ले लिया। पढ़ें पूरी खबर
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: मुलायम सिंह के गढ़ में सपा और भाजपा में होगी भिड़ंत
मैनपुरी में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नाम वापसी का समय बीतने के बाद प्रत्याशी तय हो गए। दिन भर नामांकन कक्ष में सहायक निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कोई भी प्रत्याशी नाम वापस लेने के लिए नहीं पहुंचा। ऐसे में अब मैनपुरी में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आमने सामने होगी। तीन जुलाई को अब मतदान में प्रत्याशी के भाग्य का फैसला होगा। पढ़ें पूरी खबर
भाजपा ने साधा जातीय व सामाजिक समीकरण
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा ने जातीय व सामाजिक समीकरण साधा है। गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के 10 जिलों में समाज के अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व किया है। संदेश देने का प्रयास किया है कि भाजपा में सबका सम्मान है। इन जिलों में विधान सभी की 62 सीटें हैं। मिशन- 2022 से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव को सेमीफाइल माना जा रहा है। लिहाजा, भाजपा व सपा ने पूरी ताकत लगा रखी है। गोरखपुर क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष की 10 सीटें हैं। गोरखपुर व मऊ में भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। पढ़ें पूरी खबर
आगरा में मंजू भदौरिया की जीत
बहुमत न होने के बावजूद आगरा में भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर कब्जा कर लिया है। भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मंजू भदौरिया निर्विरोध चुनीं गई। मंगलवार दोपहर को उन्हें कलक्ट्रेट में डीएम प्रभु एन सिंह ने प्रमाणपत्र सौंपा। पढ़ें पूरी खबर
बलरामपुर : आरती तिवारी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष घोषित
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मंगलवार को एकल नामांकन करने वाली भाजपा प्रत्याशी छात्रा आरती तिवारी को वैधानिक रूप से नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचित घोषित कर दिया। बुधवार को आरती कलेक्ट्रेट पहुंचकर जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगी।
गोंडा : घनश्याम मिश्र का भी निर्विरोध निर्वाचन
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी धनश्याम मिश्र को निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की ओर से निर्वाचन का आदेश जारी कर दिया गया है।
अंबेडकरनगर : तीन जुलाई को फाइनल होगा जिला पंचायत अध्यक्ष
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा पाने के लिए अब भाजपा व सपा के बीच आमने सामने की टक्कर होगी। मंगलवार को नाम वापसी के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया। ऐसे में आगामी 3 जुलाई को अब मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं।
रायबरेली : पूर्व सांसद की बहू और शिक्षक की पत्नी आमने-सामने
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व सांसद स्व.अशोक सिंह की बहू आरती सिंह और शिक्षक की पत्नी रंजना चौधरी के बीच इस बार सीधी टक्कर है। कांग्रेस से आरती सिंह और भाजपा से रंजना चौधरी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी का कोई राजनैतिक इतिहास नहीं है, लेकिन एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह उनका चुनाव में सपोर्ट कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी रंजना एलएलबी पास हैं। वह बीएड भी कर चुकी हैं। उनके पति पुतून कुमार निर्मल परिषदीय स्कूल में शिक्षक हैं। रंजना पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ऊंचाहार से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। इस बार रोहनियां प्रथम से डीडीसी चुनी गई हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह एमबीए कर चुकी है। आरती ने अवध स्कूल से इंटर पास करने के बाद बीबीए किया। इसके बाद उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। वह पूर्व सांसद स्व.अशोक सिंह की बहू, जबकि कांग्रेस नेता मनीष सिंह की पत्नी हैं। चुनाव में दोनों पक्षों का पलड़ा भारी दिख रहा है।
अयोध्या : भाजपा और सपा आमने-सामने
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मंगलवार को किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के कराए जा रहे निर्वाचन में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोली सिंह और सपा समर्थित प्रत्याशी इंदूसेन ने नामांकन दाखिल किया था। सहायक रिटर्निंग अफसर व एडीएम गोरे लाल शुक्ल ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान तीन जुलाई को होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
सीतापुर : भाजपा और सपा समेत चारों प्रत्याशी चुनावी मैदान में
जिले पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने वाले किसी भी प्रत्याशी ने मंगलवार को तय मियाद पूरी तक नामांकन वापस नहीं लिया, इससे अब तक लगाई जा रही तमाम तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। भाजपा प्रत्याशी श्रद्घा सागर व सपा की अनीता राजवंशी के साथ ही प्रीति सिंह रावत और चंद्र प्रभा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। अब इनके भाग्य का फैसला 3 जुलाई को होगा। 79 जिला पंचायत सदस्य तय करेंगे कि जिला पंचायत अध्यक्षी की कुर्सी पर वह किसे काबिज कराएंगे।
अमेठी : भाजपा-सपा में भिड़ंत, किसी ने वापस नहीं लिया पर्चा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन करने वाले भाजपा और सपा प्रत्याशी में किसी ने मंगलवार को अपना पर्चा वापस नहीं लिया। नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा व सपा प्रत्याशी के बीच सीधी टक्कर होगी। तीन जुलाई को मतदान के बाद मतगणना भी होगी।
बाराबंकी : भाजपा और सपा के बीच टक्कर
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में नाम वापसी की समय सीमा बीत जाने के बाद भी किसी भी प्रत्याशी द्वारा पर्चा वापस न लिए जाने से भाजपा की राजरानी और सपा की नेहा आनंद के बीच चुनाव होना तय हो गया है। भाजपा को इस बात की उम्मीद थी कि समय सीमा बीतने से पहले ही सपा उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकती हैं क्योंकि इसके लिए भाजपा द्वारा काफी प्रयास किए गए और सपा प्रत्याशी को मनाने के लिए भी लोग लगे रहे पर वह अपने इस उद्देश्य में सफल नहीं हो सके। सपा द्वारा पर्चा वापस नहीं लिए जाने से भाजपा की रही सही उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फिर गया है और 3 जुलाई को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा ये तय हो चुका है।
सुल्तानपुर : तीन प्रत्याशी मैदान में
जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं। मंगलवार को नामवापसी के दौरान किसी प्रत्याशी ने अपना नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिया। नाम निर्देशन पत्र वापस नहीं लिए जाने के बाद भाजपा प्रत्याशी ऊषा सिंह, सपा प्रत्याशी केशा देवी व निर्दल अर्चना सिंह मैदान में हैं। तीनों प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
ऐश्वर्या यादव ने पर्चा वापस लिया, अब भाजपा सपा में होगा मुकाबला
बदायूं जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन महिलाओं ने दावेदारी की थी। मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह की पुत्रवधू ऐश्वर्या यादव ने कलक्ट्रेट आकर अपना नामांकन वापस ले लिया। इस तरह भाजपा प्रत्याशी वर्षा यादव व सपा प्रत्याशी सुनीता शाक्य के बीच चुनावी मुकाबला होना तय है। दोनों ही पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं। सदस्यों की धरपकड़ से लेकर सिफारिशों का दौर चल रहा है।
भाजपा प्रत्याशी पर हमला
आजमगढ़ जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के भाजपा प्रत्याशी संजय निषाद पर सोमवार की रात बोलेरो सवार बदमाशों ने कौड़िया बाजार के पास हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, अतरौलिया क्षेत्र के उदैना गांव निवासी संजय निषाद टहर किसुनदेवपुर से जिला पंचायत सदस्य हैं। वह भाजपा के अधिकृत जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हैं। सोमवार को वह चुनाव प्रचार खत्म कर समर्थकों संग फार्च्यूनर गाड़ी से वापस लौट रहे थे। रात को जैसे ही वह तहबरपुर थाना क्षेत्र के कौड़िया बाजार से आगे बढ़े, बोलेरो सवार बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।
सपा प्रत्याशी के पति की मुश्किलें बढ़ीं
अलीगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में मंगलवार को नाम वापसी के दिन सुबह से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक जबरदस्त दबाव का खेल खेला गया। ये दबाव सपा-रालोद गठबंधन की संयुक्त प्रत्याशी अर्चना यादव के खेमे पर बनाया गया। अर्चना यादव के पति संजय यादव के ईंट भट्ठे, सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के अपार्टमेंट के साथ ही रालोद की जिपं सदस्य सुरेखा चौधरी के अस्पताल को निशाना बनाया गया। उनके अस्पताल को एसडीएम ने सील कर दिया है।