अधूरा रह गया वर्दी का सपना: हादसे में युवती की मौत, CISF की परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल देकर लौट रही थी
शर्मिला सीआईएसएफ की परीक्षा पास होने के बाद लखनऊ से मेडिकल परीक्षा देकर घर लौट रही थी। लोरपुर ताजन के निकट एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में मुख्य आरक्षी बनने का सपना संजोए 20 वर्षीय शर्मिला की सड़क हादसे में दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे अकबरपुर क्षेत्र के लोरपुर ताजन में हुई, जब शर्मिला लखनऊ से मेडिकल परीक्षा देकर घर लौट रही थी। तेज रफ्तार अनियंत्रित कार की टक्कर से उसकी जान चली गई, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार रिश्तेदार नीरज घायल हो गए।
मालीपुर के गुवावा जमालपुर निवासी शर्मिला, स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसने हाल ही में सीआईएसएफ मुख्य आरक्षी पद के लिए आयोजित परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थी। उसके घर में खुशी का माहौल था और सभी को उम्मीद थी कि जल्द ही वह वर्दी में नजर आएगी।
ये भी पढ़ें - यूपी में सीबीआई की छापेमारी: झांसी में सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर समेत पांच घूसखोरी में गिरफ्तार, मिली ये रकम
ये भी पढ़ें - पुलिस में 32,679 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी, 30 जनवरी तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
मंगलवार को शर्मिला मेडिकल परीक्षा देने लखनऊ गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद वह वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस (04218) से लौटी थी। मालीपुर स्टेशन पर ट्रेन के न रुकने के कारण, उसे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर उतरना पड़ा। रात का समय और ठंड अधिक होने के कारण, उसने सीधे घर जाने के बजाय, रिश्तेदार नीरज के साथ बाइक से करतोरा स्थित अपनी बहन के घर जाने का निर्णय लिया।
दुर्भाग्यवश, तक्षशिला अकादमी लोरपुर ताजन के निकट, सामने से तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में शर्मिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हेलमेट पहने नीरज को भी चोटें आईं, लेकिन वह होश में था। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही शर्मिला ने दम तोड़ दिया।
परिवार के टूटे सपने
शर्मिला की मौत की खबर से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी मां दुर्गावती बदहवास हो गईं और बार-बार अपनी बेटी को पुकारती रहीं। पिता पंचराम, जो रोजगार के सिलसिले से हरियाणा में रहते हैं, को सूचना मिलते ही तुरंत गांव के लिए रवाना हो गए। गुजरात में काम कर रहे भाई रोहित कुमार को भी खबर दे दी गई है। शर्मिला परिवार की एक बड़ी उम्मीद थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह घर की जिम्मेदारियां उठाने का सपना देख रही थी। सीआईएसएफ में उसके चयन की खबर से परिवार को लगा था कि उनके दिन अब बदलेंगे, लेकिन एक सड़क हादसे ने सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया।