{"_id":"683ddb0fe4670f1a1a02214e","slug":"up-yogi-cabinet-meeting-tomorrow-many-important-proposals-may-get-green-signal-odop-scheme-will-be-discusse-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: योगी कैबिनेट की बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों को मिल सकती है हरी झंडी; ओडीओपी योजना पर होगी चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: योगी कैबिनेट की बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों को मिल सकती है हरी झंडी; ओडीओपी योजना पर होगी चर्चा
Tue, 03 Jun 2025 12:25 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:25 AM IST
सार
Yogi Cabinet: योगी कैबिनेट की अहम बैठक मंगलवार को होगी। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।
विज्ञापन
कैबिनेट बैठक कल।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)-2.0 को मंजूरी सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। औद्योगिक विकास के तीन प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किए गए हैं। लोकभवन में कैबिनेट बैठक में एक कंपनी को लेटर ऑफ कंफर्ट और पांच कंपनियों को सब्सिडी के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।
विज्ञापन
सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ओडीओपी 2.0 का रहेगा। इसके तहत मौजूदा योजनाओं को सरल बनाया जाएगा और नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी। प्रशिक्षुओं का चयन डिजिटल ई-पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा और उन्हें मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
प्रत्येक जिले के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और लंबित मामलों को नवीनीकृत करके 2024-25 की अवधि के लिए बैंकों को भेजा जाएगा। उन ऋणों के लिए वितरण सुनिश्चित किया जाएगा जो स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन अभी तक वितरित नहीं हुए हैं। इस योजना के तहत, वार्षिक लक्ष्य का 20 प्रतिशत स्वीकृत और वितरित किया जाएगा।
विज्ञापन
साथ ही ओडीओपी योजना का विस्तार करके ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और गुणवत्ता बढ़ाने के नए पहलुओं को शामिल किया जाएगा। क्षेत्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से राज्य के विशेष उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों मंचों पर प्रचारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों के पारंपरिक खाद्य पदार्थों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने के प्रयास चल रहे हैं।