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लखनऊ: बेड की आस में टूट गई नवजात की सांस, दो घंटे के इंतजार के बाद लोहिया संस्थान ले जाते समय दम तोड़ा
Wed, 26 Aug 2026 01:05 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:05 PM IST
सार
सीतापुर से लाए गए मासूम को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर की एनआईसीयू में बेड नहीं मिलने से मौत हो गई। मासूम ने दो घंटे के इंतजार के बाद लोहिया संस्थान ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
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एंबुलेंस में नवजात को लेकर बैठे परिजन
- फोटो : स्रोत - परिजन।
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विस्तार
कागजों पर राजधानी के चिकित्सा संस्थानों में विश्वस्तरीय सुविधाओं के दावे हैं लेकिन जमीनी हकीकत एक मासूम की जिंदगी नहीं बचा सकी। दो घंटे के सफर के बाद 100 किलोमीटर दूर सीतापुर से परिजन नवजात को गंभीर हालत में मंगलवार को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लेकर आए।
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परिजन का आरोप है कि यहां एनआईसीयू में वेंटिलेटर बेड नहीं मिला। बेड की उम्मीद में एंबुबैग के सहारे शिशु को एंबुलेंस में लेकर परिजन दो घंटे तक बैठे रहे। बाद में लोहिया संस्थान ले जाने की सलाह दी गई। वहां ले जाते समय नवजात की मौत हो गई।
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सीतापुर के सिघौली निवासी रंजीत की पत्नी को सरकारी अस्पताल में सोमवार को बेटा हुआ था। शिशु को सांस लेने में तकलीफ थी। अस्पताल प्रशासन ने उपचार दिया लेकिन हालत और गंभीर हो गई। इस पर शिशु को एंबुबैग लगाकर सरकारी एंबुलेंस से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।
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आरोप है कि दो घंटे एंबुलेंस में शिशु को लेकर इंतजार करते रहे। एनआईसीयू में वेंटिलेटर बेड नहीं मिला। डॉक्टरों ने शिशु को शहीद पथ स्थित लोहिया संस्थान के मातृ शिशु रेफरल हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। परिजन नवजात को लेकर हॉस्पिटल की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी रास्ते में ही मौत हो चुकी थी।
परिजन बोले-दो घंटे तक करना पड़ा इंतजार
रंजीत का आरोप है सुबह करीब नौ बजे सीतापुर से नवजात को लेकर केजीएमयू के लिए निकले थे। दो घंटे में ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। यहां के बाल रोग विभाग में डॉक्टरों ने जांच की। इसके बाद एनआईसीयू में बेड खाली न होने की जानकारी देकर थोड़ा इंतजार करने की बात कही गई। बच्चे को एंबुबैग लगाकर वहां पर रखा गया। डेढ़ घंटे बाद दोपहर एक बजे दूसरे सेंटर ले जाने के लिए कहा गया। वहां से लोहिया ले जाते वक्त बच्चे की मौत हो गई।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि बच्चा गंभीर हालत में आया था। ट्रॉमा में उसे प्राथमिक इलाज मुहैया कराया गया। एनआईसीयू में बेड खाली न होने की जानकारी परिजन को दी गई थी। बच्चे को दूसरे हायर सेंटर रेफर भी किया गया था। इसके बाद भी परिजन बच्चे को भर्ती कराने के लिए इंतजार करते रहे।