{"_id":"6289a57d43f60450545d4199","slug":"up-will-not-buy-foreign-coal-consumer-council-says-burden-should-not-fall-on-the-consumers","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी नहीं खरीदेगा विदेशी कोयला, उपभोक्ता परिषद ने कहा- उपभोक्ताओं पर न पड़े भार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी नहीं खरीदेगा विदेशी कोयला, उपभोक्ता परिषद ने कहा- उपभोक्ताओं पर न पड़े भार
Sun, 22 May 2022 08:22 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 22 May 2022 08:22 AM IST
सार
प्रदेश में बिजली का जबर्दस्त संकट चल रहा है ऐसे में सरकार दरें बढ़ाकर उपभोक्ताओं की नाराजगी का जोखिम मोल लेना नहीं चाहती है। ऐसे में विदेशी कोयला नहीं खरीदने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के बिजलीघरों के लिए विदेशी कोयला मंगाने के आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं। आयातित कोयले से पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ व बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल मामले को टाल रखा है। प्रदेश में बिजली का जबर्दस्त संकट चल रहा है ऐसे में सरकार दरें बढ़ाकर उपभोक्ताओं की नाराजगी का जोखिम मोल लेना नहीं चाहती है।
दरअसल, विदेशी कोयले की खरीद से कदम पीछे खींचने के संकेत तभी से मिलने लगे थे जब पावर कार्पोरेशन ने इसके लिए टेंडर जारी कर चुके निजी उत्पादकों को पत्र भेजकर आगाह कर दिया था कि सरकार व पावर कार्पोरेशन के अनुमोदन के बगैर इसे खरीद की प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए।
उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से इस मुद्दे पर दाखिल याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी उत्पादकों से राज्य सरकार का अनुमोदन प्रस्तुत करने कहा था। इसके बाद राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने पूरा मामला सरकार पर छोड़ दिया है। आयातित कोयले से करीब 11000 करोड़ रुपये अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा और दरें बढ़ना भी तय है इसलिए सरकार, पावर कार्पोरेशन व उत्पादन निगम फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं।
विज्ञापन
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब विदेशी कोयले की खरीद के आसार इसलिए भी कम नजर आ रहे हैं क्योंकि सरकार ने बिजलीघरों में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास शुरू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विदेशी कोयले की खरीद की अनुमति न देकर उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री व ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।
विज्ञापन
दरअसल, विदेशी कोयले की खरीद से कदम पीछे खींचने के संकेत तभी से मिलने लगे थे जब पावर कार्पोरेशन ने इसके लिए टेंडर जारी कर चुके निजी उत्पादकों को पत्र भेजकर आगाह कर दिया था कि सरकार व पावर कार्पोरेशन के अनुमोदन के बगैर इसे खरीद की प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए।
विज्ञापन
उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से इस मुद्दे पर दाखिल याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी उत्पादकों से राज्य सरकार का अनुमोदन प्रस्तुत करने कहा था। इसके बाद राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने पूरा मामला सरकार पर छोड़ दिया है। आयातित कोयले से करीब 11000 करोड़ रुपये अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा और दरें बढ़ना भी तय है इसलिए सरकार, पावर कार्पोरेशन व उत्पादन निगम फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं।
विज्ञापन
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब विदेशी कोयले की खरीद के आसार इसलिए भी कम नजर आ रहे हैं क्योंकि सरकार ने बिजलीघरों में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास शुरू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विदेशी कोयले की खरीद की अनुमति न देकर उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री व ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के प्रति आभार जताया है।